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Secrets of Kasar Devi Temple Swami Vivekananda place of meditation | Lamgara Series Day-3

The Wandering Kaushik

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Secrets of Kasar Devi Temple Swami Vivekananda place of meditation | Lamgara Series Day-3

220 просмотров · 4 дн. назад
The Wandering Kaushik
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कसार देवी मंदिर — अल्मोड़ा की वो पहाड़ी जहाँ 1800 साल से एक ज्योति जल रही है 🔥 Lamgara Series के Day-3 में आज हम पहुँचे कसार देवी मंदिर, अल्मोड़ा (उत्तराखंड)। ये वही जगह है जहाँ स्वामी विवेकानंद ने 1890 के दशक में साधना की थी, और जो आगे चलकर पूरी दुनिया के साधकों का ठिकाना बन गई। कसार देवी मंदिर के बारे में — पूरी जानकारी स्थान: कसार गाँव, कश्यप पहाड़ी, अल्मोड़ा–बागेश्वर हाईवे पर। अल्मोड़ा से लगभग 8 km (पैदल ट्रेक) या 10 km सड़क मार्ग से। ऊँचाई करीब 2,116 मीटर। इतिहास: मंदिर की संरचना दूसरी शताब्दी ईस्वी की मानी जाती है — यानी लगभग 1800 साल पुरानी। ये माँ दुर्गा के स्वरूप कसार देवी को समर्पित है, और गाँव का नाम भी देवी के नाम पर ही पड़ा। पुराना और नया मंदिर: शुरू में ये नागर शैली का छोटा सा पत्थर का मंदिर था। समय के साथ क्षति होने पर वर्तमान ढाँचा 1948 में बिड़ला परिवार द्वारा बनवाया गया। मंदिर परिसर में दो समूह हैं — एक देवी का, दूसरा भगवान शिव और भैरव का। अखंड ज्योति और धूनी: मुख्य मंदिर में वर्षों से लगातार जलती अखंड ज्योति है, और एक धूनी (हवन कुंड) जिसमें 24 घंटे लकड़ी जलती रहती है। स्थानीय मान्यता है कि इस धूनी की भभूत में रोग दूर करने की शक्ति है। स्वामी विवेकानंद: 1890 के दशक में स्वामी विवेकानंद यहाँ ध्यान के लिए आए और इस जगह का उल्लेख उन्होंने अपने लेखन में भी किया। इसी के बाद कसार देवी की ख्याति देश-दुनिया तक पहुँची। विदेशी साधक: 1930 के दशक में डेनिश रहस्यवादी सुन्यता बाबा (Alfred Sorensen) यहाँ आए और लगभग तीन दशक तक रहे। लामा अनागारिका गोविंदा जैसे बौद्ध विद्वान भी यहीं बसे। Hippie Hill: गाँव के पास की Crank's Ridge 1960-70 के दशक में हिप्पी आंदोलन का बड़ा ठिकाना बनी — इसीलिए इसे "Hippie Hill" भी कहा जाता है। Timothy Leary जैसे नाम यहाँ से जुड़े रहे। चुम्बकीय रहस्य: कहा जाता है कि ये इलाका पृथ्वी के Van Allen Belt के प्रभाव क्षेत्र में आता है और यहाँ असामान्य भू-चुम्बकीय ऊर्जा है — कुछ लोग इसकी तुलना Stonehenge और Machu Picchu से करते हैं। ध्यान रहे, ये एक लोकप्रिय मान्यता है, कोई प्रमाणित वैज्ञानिक तथ्य नहीं। कसार देवी मेला: हर साल कार्तिक पूर्णिमा (नवंबर–दिसंबर) पर यहाँ बड़ा मेला लगता है, जिसमें हज़ारों श्रद्धालु आते हैं। दर्शन समय: सुबह लगभग 6:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक। आसपास घूमने की जगह: कालीमठ (1 km), ब्राइट एंड कॉर्नर, बिनसर वन्यजीव अभयारण्य (लगभग 30 km), जागेश्वर धाम। कैसे पहुँचें: नज़दीकी रेलवे स्टेशन काठगोदाम (लगभग 90 km), नज़दीकी एयरपोर्ट पंतनगर (लगभग 127 km)। अल्मोड़ा से टैक्सी और शेयर्ड कैब आसानी से मिल जाती हैं। बेस्ट टाइम: मार्च–जून और सितंबर–दिसंबर। सर्दियों में हिमालय का view सबसे साफ़ दिखता है — गर्म कपड़े ज़रूर रखें। 🙏 अगर आपको ये वीडियो पसंद आया तो LIKE करें, अपने दोस्तों के साथ SHARE करें और चैनल को SUBSCRIBE करना न भूलें। Lamgara Series का Day-4 जल्दी आ रहा है! 💬 कमेंट में बताइए — अगला कौन सा मंदिर cover करें? #KasarDevi #Almora #Uttarakhand #Lamgara #SwamiVivekananda 📌 Follow us: Instagram: Facebook: