जिस दिन यमराज ने नरक के द्वार खोल दिए 😱 | भाई दूज की कथा | Bhai Dooj Story in Hindi
अनकहे पुराण | Ankahe Puran
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जिस दिन यमराज ने नरक के द्वार खोल दिए 😱 | भाई दूज की कथा | Bhai Dooj Story in Hindi
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अनकहे पुराण | Ankahe Puran
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जिस यमराज के नाम से पूरी सृष्टि काँपती है… वो उस दिन एक छोटे से घर के दरवाज़े पर खड़े थे। हाथ में न दंड था, न पाश। 🪔
सूर्य पुत्र यम और उनकी जुड़वाँ बहन यमी (यमुना) की कथा: संज्ञा की परछाईं छाया, छाया का श्राप, यम का धर्मराज बनना, बरसों का "अगले बरस", और वह दिन जब यमराज ने नरक के द्वार खोल दिए और बहन के घर गए।
📖 कथा का स्रोत: मार्कण्डेय पुराण (सूर्य-संज्ञा, छाया, यम और यमी का जन्म, छाया का श्राप, यम का धर्मराज बनना); ऋग्वेद 10.14 (यम के दो चार-आँखों वाले श्वान, श्याम और शबल); यमुना के घर यमराज का आना, नरक से एक दिन की मुक्ति, कौआ-दूत और कृष्ण-सुभद्रा की कथा: यम द्वितीया की लोक-परंपरा।
इस कथा में: सूर्य देव, संज्ञा, छाया, यमराज, यमुना (यमी), शनि देव, चित्रगुप्त, श्याम और शबल, श्रीकृष्ण और सुभद्रा। जानिए भाई दूज क्यों मनाते हैं, इसे यम द्वितीया क्यों कहते हैं, यमराज को अपनी ही बहन के घर आने में बरसों क्यों लगे, कौआ यमराज का दूत क्यों है, बहन ने यमराज से कौन से वर माँगे, शनि देव यमराज के सौतेले भाई कैसे हैं, और मथुरा के विश्राम घाट पर भाई-बहन यमुना में साथ क्यों नहाते हैं।
The untold story of Bhai Dooj (Yam Dwitiya): Yama and Yami, the twin children of the Sun god, grew up under Chhaya, the shadow their mother left behind. Cursed by her, Yama became Dharmaraja, lord of death; Yami became the river Yamuna. Every year she invited him, and every year he answered "next year". Then one Kartik Shukla Dwitiya he emptied hell for a day, laid down his staff and noose at her door and came only as a brother. Her boon: no brother who visits his sister on this day shall fear an untimely death.
⏱️ अध्याय
00:00 "हाथ में न दंड था, न पाश"
00:51 सूर्य देव और संज्ञा
01:09 यम और यमी का जन्म
01:22 संज्ञा की परछाईं: छाया
01:53 नई माँ की कोई परछाईं नहीं
02:08 शनि देव, यमराज के सौतेले भाई
02:28 छाया का श्राप
02:57 छाया का सच
03:22 यम की तपस्या
03:49 धर्मराज यमराज और संयमनी
04:05 चार आँखों वाले श्वान, श्याम और शबल
04:24 यमी बनीं यमुना
05:00 कौआ: यमराज का दूत
05:35 बरसों का "अगले बरस" (गीत: आओ भैया)
06:29 "आज मैं बहना के घर जाऊँगा"
06:49 नरक के द्वार खुले
07:03 धर्मराज चले बहन के घर
07:37 "बहना... मैं आ गया"
08:10 टीका, आरती और भोजन
08:35 गीत: भाई दूज का टीका
09:03 यमुना के वर
09:45 यम द्वितीया: भाई दूज
10:14 श्रीकृष्ण और सुभद्रा
10:32 विश्राम घाट, यमुना-धर्मराज मंदिर, चित्रगुप्त पूजा
11:02 भाऊ बीज, भाई फोंटा, भाई टीका
11:37 अगला भाग: तुलसी विवाह
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Source: Surya, Sanjna, Chhaya, the birth of Yama and Yami, Chhaya's curse and Yama becoming Dharmaraja: Markandeya Purana. Yama's two four-eyed dogs Shyama and Shabala: Rigveda 10.14. Yama's visit to Yamuna, hell's one-day release, the crow messenger and the Krishna-Subhadra story: Yam Dwitiya folk tradition. Visuals and songs made with AI tools; story, script and edit are our own.
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