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Kawad Yatra Galaji 2026

Manoj Journey

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Kawad Yatra Galaji 2026

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Manoj Journey
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नमस्कार आज हम आपको लेकर जा रहे हैं जयपुर में स्थित गलता जी , जो जयपुर से 10 किलोमीटर की दूरी पर, पहाड़ों के बीच-बीच स्थित है। गलताजी मंदिर जयपुर से केवल 10 किमी दूर स्थित है। यह जयपुर के आभूषणों में से एक है। मंदिर परिसर में प्राकृतिक ताजा पानी का झरना और 7 पवित्र कुण्ड शामिल हैं। पहाड़ों से निकलने वाला यह पवित्र जल गोमुख से निकलकर इन कुंडों में जाता है। यहां के कुंड से निकलने वाला पानी उतना ही पवित्र माना जाता है। जितना हरिद्वार में गंगा जल है। गलतजी जयपुर का एक प्राचीन तीर्थस्थल है। यह अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित है। यहां पर मंदिर, मंडप और पवित्र कुंडो के साथ, यह हरियाली युक्त प्राकृतिक दृश्य और आनंददायक स्थल है। गलताजी को monkey hill के नाम से भी जाना जाता है। गलता जी को छोटी काशी के नाम से भी जाना जाता है। यहीं पर से जयपुर और जयपुर के आसपास के लोग सावन में कावड़ लेने यहीं पर आते हैं, कावड़ क्या है यह , इसका भी हिंदू धर्म में बहुत महत्व है। तो आज हम आपको गलता जी के अद्भुत प्रकृति और सौंदर्य की आपको सुंदरता दिखाने जा रहे हैं। सावन के दिनों में यहां पर शिव भक्तों की भीड़ ही भीड़ होती है और चारों तरफ गलता जी भक्तिमय और शिवमय हो जाती है। जैसा कि आप हमारे इस वीडियो में देख सकते हैं। तो हम आपको कावड़ यात्रा के बारे में बताने जा रहे हैं। कावड़ यात्रा भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा, भक्ति और समर्पण का प्रतीक है. इस दौरान भक्त कठिन यात्रा कर कंधे पर कांवड़ रखकर चलते हैं और शिवालय तक पहुंचाते हैं जोकि एक तरह की धार्मिक तपस्या है. इस दौरान भक्त शारीरिक रूप से कष्ट भी झेलते हैं। कांवड़ यात्रा: हर साल श्रावण मास में कावड़िए गंगा जल से भरी कांवड़ लेकर पदयात्रा करके अपने घर के पास के मंदिर में वापस लौटते हैं। इस यात्रा को कांवड़ यात्रा बोला जाता है। शिवजी के भक्त परशुराम ने गढ़मुक्तेश्वर से गंगाजल लाकर उनका जलाभिषेक किया था। कावड़, बांस से बनी एक संरचना है। जिसके दोनों सिरों पर पानी के बर्तन या कलश बंधे होते हैं। इसे कंधे पर रखकर तीर्थयात्री यात्रा करते हैं। कावड़ यात्रा हमेशा सावन के महीने में ही निकलते हैं। इसमें गंगाजल भरकर भक्त शिव मंदिरों में अभिषेक करने के लिए लेकर आते हैं। और शिवजी का जल अभिषेक करते हैं। भक्त कावड़ यात्रा को बड़े ही धूमधाम के साथ लेकर आते हैं। कावड़िए नंगे पांव चलते हैं और पूरा मार्ग "बम बम भोले" और "हर हर महादेव" के जयकारों से गूंजता रहता है। हिंदू पुराणों में कांवड़ यात्रा का संबंध दूध के सागर के मंथन से है। जब अमृत से पहले विष निकला और दुनिया उसकी गर्मी से जलने लगी, तो शिव ने विष को अपने अंदर ले लिया। लेकिन, इसे अंदर लेने के बाद वे विष की नकारात्मक ऊर्जा से पीड़ित होने लगे। त्रेता युग में, शिव के भक्त रावण ने कांवड़ का उपयोग करके गंगा का पवित्र जल लाये और इसे पुरामहादेव में शिव के मंदिर के शिवलिग पर चढ़ाया जाता है। और इस प्रकार शिव जी को विष की नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिली थी इस जगह का नाम गलताजी क्यों रखा गया है इसकी भी एक पुरानी कथा है जो हम आपको बताने जा रहे हैं। यहाँ पर प्राचीन काल में ऋषि गालव रहा करते थे और यहां पर ही उन्होंने शिव जी की आराधना की थी ऋषि गालव जी विश्वामित्र के शिष्य थे। और कहा जाता है कि, सन्त श्री गालव जी ने अपना सारा जीवन यही बिताए थे और 100 वर्षों तक कठोर 'तपस्या' की। उनकी इस तपस्या से प्रसन्न होकर सभी देवी देवता उनके सामने प्रकट हो गए और साथ ही गंगा माता भी प्रगट हुई और उन्होंने भी वरदान दिया कि यहां पर अखंड जल स्रोत का आशीर्वाद दिया था। इसी के कारण आज भी यहां पर हमेशा पवित्र जल रहता है। यहां पर कुंड , वहाँ भगवान राम, भगवान कृष्ण और भगवान हनुमान के मंदिर, भी इस परिसर के भीतर स्थित हैं। तो आपको हमारी यह वीडियो कैसी लगी और हमारी जानकारी कैसे लगी तो कमेंट में जरूर जरूर लिखें ऐसे ही वीडियो के साथ हम आपसे फिर मिलेंगे जब तक के लिए जय हिंद जय भारत हर हर महादेव जय जय महादेव Your Queries:- Channel URL (required)    / @manojjourney   @manojJourney #manojjourney #journey #shubhjourney #rajasthan #hiddenplace manoj journey new video manoj journey youtube manoj journey vlog manoj journey ka video LIKE SHARE SUBSCRIBE🙏 Thanks For Watching Video❤️ Disclaimer :- इस वीडियो की सामग्री शोध पर आधारित है,और वैब लेखों पर उपलब्ध जानकारी, समाचार पत्रों और इंटरनेट का अध्ययन किया गया है,हम इन सूचनाओं की 100% पुष्टि नहीं करते, हमारा वीडियो केवल जानकारी एवं मनोरंजन के लिए बनाया गया है,हमारा इरादा किसी भी प्रकार के धर्म या किसी पहचान को ठेस पहुंचाने का नहीं है| Disclaimer :- The content of this video is based on research, and the information available on web articles, Newspapers and internet has been studied, we do not 100% confirm these information, Our video is made only for information and entertainment; we do not intend to hurt any kind of religion or any identity .