A song ( mashup) dedicated to Rung land , Rung people and Sanstha for Rung people
Bishan Singh Bonal
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A song ( mashup) dedicated to Rung land , Rung people and Sanstha for Rung people
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Bishan Singh Bonal
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A song (mashup) dedicated to Rung land, Rung people and sanstha /society for Rung people. Uploaded on the day of Ashthami/ Navami during Navaratri. May the Goddess Durga maa bless the people of rung lungba and give peace in world .
Sentences in rung bhasa has been tried to translate in hindi as depicted in brackets .
ए रं लुंगबा तेरी वजह (बदी) से ,
(ए रं जन्म भूमि तेरी बदौलत से)
हमको ये रं नाम मिला हैं ।
(हमको ये रं नाम मिला हैं । )
जन्म भूमि सित्त जगा
(स्वर्ग सी हमारी जन्म भूमि )
गुम गालन गे लेस्यांगश्यन ।।
(हम आपको कैसे भूल पायेंगे )
हे रं लुंगबा तुझको नमन -2
(हे धरती माँ तुझको नमन -2)
1-दिलिंग दरमा बंगबा ब्यांखू ,
(दिलिंग दरमा बंगबा ब्यांखू ,)
सुम लेंचेरी ताकू ना ,
(तीन होते हुए भी एक है)
तींकर- छँगरू पातो दूलन
(तींकर- छँगरू पातो मिलाकर )
नगेई लिंचेरी ताकू ना
(पाँच होकर भी हम एक हैं)
ने निंगु बोली ग्वी छन लिचेरी,
(हमारी भाषा भिन्न भिन्न होने से भी )
निम पति ता तकुना।
(इज्जत तो एक ही है)
हे रं जन / मंग तुझको नमन -2
(हे रं लोग तुझको नमन -2)
2- मल्लादरमा सेवा समिति गू
(मल्लादरमा सेवा समिति का )
जन्म दाँसू गेसुना,
(जन्म आपकेही गोद में हुआ )
रहीथे लब्थे पुनों न्यूँग लिंसु,
(पड़ लिख कर हम बड़े हुए )
गू सक्क्या लुंगबा सू ना
(आपके ही गोद में )
रं कल्याण संस्था गू ले
(रं कल्याण संस्था का भी)
जन्म दाँसू गेसू ना
(जन्म आपने ही दिया )
हे आर के एस तुझको नमन -2
(हे आर के एस तुझको नमन -2)
3-हे आर के एस तेरी बदी से
(हे आर के एस तेरी बदौलत )
हमको नई पहचान मिली है
अमटीकर की जुझारू पन से
कर्ताओं की सच्ची लगन से
हमको नई ऊर्जा मिली है।
हे अमटिकर तुझको नमन -2
(हे पथ प्रदर्शक तुझको नमन -2)
4-लखनऊ से चला ये कारवाँ
घर घर तक अब पहुँच चुकी है
सुविधाओं की पहुँच जन जन तक
चेहरे की रौनक़ बता रही है
हे अमटिकर तुझको नमन -2
(हे पथ प्रदर्शक तुझको नमन -2)
हे आर के एस तुझको नमन -
हे रं लुंगबा तुझको नमन -
हे रं जन / मंग तुझको नमन -
रं रं रं रं
रं लुंगबा= रं क्षेत्र , रं राजू ( जन्म भूमि)
वजह (बदी) = बदौलत