अत्यंत दुर्लभ स्वप्नेश्वरी साधना | Very Rare Swapneshwari Sadhana | With Lyrics
Mantra - Tantra - Yantra ( मंत्र - तंत्र - यंत्र )
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अत्यंत दुर्लभ स्वप्नेश्वरी साधना | Very Rare Swapneshwari Sadhana | With Lyrics
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मंत्र तंत्र यंत्र चैनल में आप सभी का स्वागत है आज मैं आप सभी के लिए स्वप्नेश्वरी देवी की साधना लेकर आया हूं
यह साधना प्रत्येक व्यक्ति को करनी चाहिए जो साधक ऊंचे स्तर की साधना नहीं कर पाते या जिन्हें इतना समय नहीं मिलता उन्हें स्वप्नेश्वरी साधना संपन्न करनी चाहिए जिससे वे जीवन में स्वयं का तथा दूसरे लोगों का कल्याण कर सकें
यह साधना शुरू करने से पहले अक्षत, कुमकुम, जल का लोटा, पुष्प, दीपक, अगरबत्ती यह सारी सामग्री जुटा ले
यह साधना सोमवार से प्रारंभ की जाती है यह मात्र 5 दिन की साधना है इसमें नित्य 101 माला का जाप करना है, इस साधना में हकीक की माला का ही प्रयोग किया जाता है अन्य मालाएं वर्जित हैं
साधक चाहे तो 50 माला दिन में और 51 माला रात्रि को जाप कर सकता हैै , इस प्रकार दिन भर में 101 माला का जाप पूर्ण हो जाना चाहिए
इस प्रकार नित्य 101 मालाएं मंत्र जाप करें
5 दिनों तक साधक जमीन पर सोये
एक समय भोजन करें
5 दिन तक मंत्र जाप के बाद छठे दिन इसी मंत्र की शुद्ध घी से 1000 आहुतियां दें फिर पांच कुंवारी कन्याओं को भोजन कराएं तथा उन्हें वस्त्र आदि देकर संतुष्ट करें इस प्रकार करने पर साधना संपन्न हो जाती है
इस साधना के लिए स्वप्नेश्वरी यंत्र तथा स्वप्नेश्वरी देवी का चित्र साधना कक्ष में होना चाहिए
यह यंत्र तांबे या चांदी के पत्रे पर बना हुआ होना चाहिए
सोमवार के दिन प्रातः स्नानादि से निवृत्त होकर उत्तर दिशा की ओर मुंह करके बैठ जाएं सामने चौकि पर पीला रेशमी वस्त्र बिछा दें और उस पर स्वप्नेश्वरी देवी का यंत्र या स्वप्नेश्वरी देवी का चित्र स्थापित कर दें स्वप्नेश्वरी देवी के यंत्र को पहले जल से फिर कच्चे दूध से तथा पुनः जल से धोकर पोंछ कर चौकी पर रख दें किसी तांबे के पात्र में यंत्र को स्थापित कर दें अगरबत्ती दीपक पुष्प आदि से पूजन करें दूध की बनी हुई मिठाई का प्रसाद चढ़ाएं
जब भी आपको इसका प्रयोग करना हो या
जब भी कोई समस्या आपके सामने हो और उसका हल नहीं मिल रहा हो तो साधक मंत्र जाप करके अपनी समस्या एक कागज पर लिखकर रात्रि को सिरहाने रख कर सो जाए रात्रि को स्वप्नेश्वरी देवी स्वप्न में उस समस्या का हल स्पष्ट रूप से बता देती है जिससे साधक को निर्णय करने में आसानी होती है साधक चाहे तो किसी भी व्यक्ति की समस्या इस प्रकार हल कर सकता है
यदि साधक को लगातार खराब सपना आए तो उसे रात्रिसुक्त का नियमित पाठ करना चाहिए सोने को जाने के पूर्व अपने हाथ-पांव धो कर ही बिस्तर पर जाना चाहिए साधना काल में सफलता के लिए ब्रम्हचर्य का पालन अनिवार्य है
फिर ऐसा ध्यान मंत्र से माता का पूजन आरंभ करें
स्वप्नेश्वरी नमस्तुभ्यं फलाय वरदाय च:
मम सिद्धिमसिद्धि वा स्वप्ने सर्व प्रदर्शय:
इस मंत्र की 101 माला का जाप करेंं
मंत्र:
ॐ क्रीं क्रीं क्रीं ह्लीं ह्लीं स्वप्नेश्वरी ह्लीं ह्लीं क्रीं क्रीं क्रीं ॐ