Перейти к содержимому

Jagannath Puri Temple Darshan 🚩​ Incomplete Darshan Mistakes | Konark Sun Temple

Nawab Travelvlogs

0:00 / 0:00

Jagannath Puri Temple Darshan 🚩​ Incomplete Darshan Mistakes | Konark Sun Temple

5 просмотров · 9 часов назад
Nawab Travelvlogs
10,8 тыс. подписчиков
5 просмотров · 9 часов назад
Plz subscribe my channel and press🔔 for notifications Mistakes ​यदि आप पहली बार श्री जगन्नाथ धाम (पुरी) जा रहे हैं, तो इन आवश्यक नियमों और परंपराओं का ध्यान रखें ताकि आपकी यात्रा और दर्शन पूर्ण माने जाएं: ​𝟏. Mistake ​सबसे बड़ी भूल: केवल मुख्य मंदिर में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा जी के दर्शन करके बाहर निकल जाना। ​नियम: मुख्य मंदिर के दर्शन के बाद मेघनाद प्राचीर (आंतरिक परिसर) की पूरी परिक्रमा करें। ​परिक्रमा में अवश्य जाएं: ​माँ विमला (Vimala Temple): माँ विमला का दर्शन अनिवार्य है। जगन्नाथ जी का प्रसाद पहले माँ विमला को चढ़ाया जाता है, तब वह 'महाप्रसाद' बनता है। ​माँ महालक्ष्मी मंदिर: मंदिर परिसर स्थित लक्ष्मी मंदिर के दर्शन करें। ​कल्पवृक्ष: परिक्रमा के दौरान प्राचीन कल्पवृक्ष का आशीर्वाद लें। ​🛑 𝟐. 𝓝𝓸-𝓖𝓸 𝓘𝓽𝓮𝓶𝓼 & 𝓓𝓻𝓮𝓼𝓼 𝓒𝓸𝓭𝓮 ​इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं सख्त वर्जित: फोन, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, कैमरा आदि मंदिर परिसर के अंदर ले जाना मना है। इन्हें बाहर बने स्टैंड/क्लॉक रूम में जमा करें। ​चमड़े की वस्तुएं: बेल्ट, पर्स, जूते-चप्पल मंदिर के बाहर ही उतारें। ​पोशाक: पारंपरिक और शालीन वस्त्र (धोती-कुर्ता, कुर्ता-पायजामा, साड़ी या सलवार-कमीज) पहनकर ही प्रवेश करें। ​🛕 𝟑. 𝓔𝓷𝓽𝓻𝔂 & 𝓐𝓻𝓾𝓷𝓪 𝓢𝓽𝓪𝓶𝓫𝓱𝓪 ​सिंहद्वार (East Gate): पहली बार दर्शन के लिए पूर्व दिशा में स्थित सिंहद्वार से प्रवेश करना शुभ और पारंपरिक माना जाता है। ​अरुण स्तंभ: मंदिर के बाहर स्थित अरुण स्तंभ (सूर्य देव के सारथी का स्तंभ) को प्रणाम करके ही आगे बढ़ें। ​बायसी पहाड़ा (२२ सीढ़ियां): सिंहद्वार से प्रवेश करते ही २२ सीढ़ियां आती हैं। इन्हें अत्यंत पवित्र माना जाता है। सीढ़ियों पर चढ़ते समय किसी के पैर पर पैर न रखें और भक्ति भाव से आगे बढ़ें। ​🍲 𝟒. 𝓜𝔞crossing 𝓪𝓹𝓻𝓪𝓼𝔞𝓭 & 𝓐𝓷𝓪𝓷𝔡𝔞 𝓑𝓪𝓳𝔞𝓻 ​आनंद बाज़ार: मंदिर परिसर में स्थित आनंद बाज़ार ज़रूर जाएं, जहां विश्व की सबसे बड़ी रसोई से तैयार महाप्रसाद मिलता है। ​आदर और सम्मान: महाप्रसाद को कभी ज़मीन पर न रखें और इसे नीचे न गिरने दें। इसे हाथ जोड़कर स्वीकार करें और सात्विक भाव से ग्रहण करें। ​🌊 𝟓. 𝓜𝓪𝔥𝓸𝓭𝓪𝔡𝔥𝓲 𝓢𝓷𝔞𝓷 (𝓢攀𝓪 𝓑𝔞𝓽𝓥) ​पुरी आने पर महोदधि (समुद्र) में स्नान या हाथ-पैर धोकर जल आचमन करना परंपरा का हिस्सा माना जाता है। मंदिर में प्रवेश से पहले हाथ-पैर अच्छी तरह साफ़ करें।