न पीने का शौंक था न पिलाने का शौंक था.नजरे उन्ही से मिली..भाव दिन मणि श्री विनोद अग्रवाल जी
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न पीने का शौंक था न पिलाने का शौंक था.नजरे उन्ही से मिली..भाव दिन मणि श्री विनोद अग्रवाल जी
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श्री विनोद अग्रवाल जी के पुराने संकीर्तन से ये भाव पूर्ण clip ली गई है । इसमे बड़ी मस्ती भरे भाव से भगवान से बातें की हैं श्री विनोद अग्रवाल जी ने । बड़ा ही प्रेम भरा संकीर्तन है । आगे तो एसा संकलन मिल ही नहीं पाएगा। क्यू की अब वो हमारे बीच प्रत्यक्ष रूप से नहीं रहे । ठाकुर जी के समक्ष ये अद्वितीय भाव प्रदर्शन बहुत दुर्लभ देखने को मिलता है। हमारा सौभाग्य है कि आज भी हम उनकी इस आकर्षक वाणी को सुन पा रहे है । बीच बीच में बहुत सुन्दर व भावुक चित्र दिए गए हैं । we are grateful to all the sources from where help has been taken to create this video.