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जितिया परब (जीवित्पुत्रिका) Jitiya Parab #jitiya #jitiyaparv

Manik Mahato

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जितिया परब (जीवित्पुत्रिका) Jitiya Parab #jitiya #jitiyaparv

25 просмотров · 6 дн. назад
Manik Mahato
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जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत माताओं द्वारा संतानों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और मंगल कामना के लिए किया जाने वाला एक निर्जला और कठिन उपवास है। यह तीन दिनों तक चलने वाला प्रमुख पर्व है जो मुख्य रूप से झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और नेपाल में मनाया जाता है जितिया पर्व के तीन मुख्य दिन • नहाय-खाय (पहला दिन): इस दिन माताएं स्नान करने के बाद सात्विक भोजन ग्रहण करती हैं। • निर्जला व्रत (दूसरा दिन): इसे मुख्य जितिया का दिन कहा जाता है। इस दिन माताएं पूरे 24 घंटे से अधिक समय तक बिना, अन्न और जल के कठोर निर्जला उपवास रखती हैं। शाम को जीवित्पुत्रिका व्रत कथा सुनी जाती है। • पारण (तीसरा दिन): सूर्योदय के बाद नियमों के अनुसार व्रत तोड़ा जाता है और विशेष पकवान खाए जाते हैं। धार्मिक महत्व • यह व्रत गंधर्व राज राजा जीमुत वाहन के त्याग और परोपकारी कथा से जुड़ा है। • मान्यता है कि राजा जीमुत वाहन के साहस से नागों की रक्षा हुई थी। तभी से संतान की रक्षा के लिए यह व्रत रखा जाता है।