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Ashtapad Giri Vandane Re (अष्टापद गिरि वंदने रे)

Nandprabha Palitana Official

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Ashtapad Giri Vandane Re (अष्टापद गिरि वंदने रे)

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Nandprabha Stavan Series स्तवन : अष्टापद गिरि वंदने रे ( श्री अष्टापदजीनी पूजा अंतर्गत ) रचयिता : पूज्य श्री दीपविजय महाराजा --------------------- Special Thanks To Hastagiri Tirth Singer - Parth Doshi Music arranged & Direction By - Sachin Limaye Tabla - Hardik Patel Sitar - Bhagirath Bhatt Flute - Ninad Mulukar Programming By - Mir Desai Video Designed By - Sumedh Kamble (Wardha) ------------------------------ Lyrics : अष्टापद गिरि वंदने रे रंग लाग्यो माहरी सजनी जी रे चक्री सगरना बळवंत योद्धा पुत्र ते साठ हजार जी रे अष्टापद जिन वंदन चढिया दक्षिण दिशि प्रकार दक्षिण दिशिए श्री संभवथी पद्मप्रभ लगे चार जी वीतरागनां वंदन कीधां तरवा भवजळ पार पश्चिम दिशि सुपार्श्व प्रभुथी अनंत प्रभु लगे आठजी वंदन कीधा भाव भले रे निर्युक्तिमां पाठ उत्तर दिशि दश धर्म प्रभुथी वर्धमान लगे वंदेजी पूर्व दिशि दोय ऋषभ अजितने प्रणमी मन आनंदे पचास लाख क्रोड सागरना पूर्वज प्रीति संभारेजी आपणा कुळमां भरत नरेश्वर कीधा एह विहार धन भरतेश्वर धन मरुदेवा धन नवाणुं भाईजी लाभ हेतु ए सुकृत कीधा ए आपणा पितराई आगळ विषम काळने जाणी तीरथ रक्षा काजेजी योजन योजन अंतर कीधां पगथियां आठ समाजे धन तीरथ अष्टापद गिरिवर धन भरतेश्वर रायाजी दीपविजय कविराज पनोता जे जस सुकृत कमाया