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पितृ पक्ष में गीता का 11वां अध्याय क्यों सुनना चाहिए? जानिए इसका महत्व और लाभ!#bhakti

kuchh pal kusum ke sang

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पितृ पक्ष में गीता का 11वां अध्याय क्यों सुनना चाहिए? जानिए इसका महत्व और लाभ!#bhakti

240 просмотров · 9 дней назад
kuchh pal kusum ke sang
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जय श्री कृष्ण! 🙏 पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) के दौरान अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनकी तृप्ति के लिए भगवद गीता का पाठ करना सर्वोत्तम माना गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पितृ पक्ष में गीता का 11वां अध्याय (विश्वरूप दर्शन योग) सुनने का क्या विशेष महत्व है? इस वीडियो में हम विस्तार से जानेंगे: पितृ पक्ष में 11वें अध्याय को सुनने या पढ़ने का पौराणिक महत्व क्या है? इस अध्याय के प्रभाव से पितरों को मोक्ष (मुक्ति) कैसे मिलती है? पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए इसका पाठ किस प्रकार करना चाहिए? भगवद गीता का 11वां अध्याय भगवान श्री कृष्ण के दिव्य और विराट रूप को दर्शाता है। मान्यता है कि इसका पुण्यफल जब हम अपने पितरों को अर्पित करते हैं, तो उन्हें नरक के कष्टों से मुक्ति मिलती है और वे सीधे बैकुंठ धाम को प्राप्त होते हैं। अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगे, तो वीडियो को लाइक करें, चैनल को सब्सक्राइब करें और अपने परिवार व मित्रों के साथ शेयर करना न भूलें ताकि वे भी इस पुण्य के भागी बन सकें। Chapters/Timestamps (यदि आवश्यक हो): 0:00 - परिचय (Introduction) 1:00 - पितृ पक्ष और गीता का संबंध 2:30 - 11वें अध्याय का विशेष महत्व क्यों है? 4:30 - पितरों को मोक्ष दिलाने वाली कथा 6:00 - पाठ करने की सही विधि #pitruPaksha2026 #BhagavadGita #GitaAdhyay11 #PitruDoshUpay #ShraddhPaksha #GeetaKa11Adhyay #SpiritualKnowledge #SanatanDharma #Krishna #PitruTarpan #GitaMahatmya