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श्री मोहनखेड़ा मंदिर के गुरुसप्तमी पर दर्शन और मंदिर का इतिहास | Mohankheda Mandir Darshan

FOG INDIAN CULTURE

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श्री मोहनखेड़ा मंदिर के गुरुसप्तमी पर दर्शन और मंदिर का इतिहास | Mohankheda Mandir Darshan

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मोहनखेड़ा जैन तीर्थ जैन समाज का आस्था केन्द्र। गुरुसप्तमी को यहाँ 4 दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है। भव्य पांडाल , लाइटिंग, भजन संध्या जैसे कई कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं| मोहनखेड़ा तीर्थ जैन धर्मावलंबियों (Jain religious people) के लिए एक बड़ा आस्था का केन्द्र है। यहां सालभर देश-विदेश से बड़ी संख्या में गुरू भक्त आते रहते हैं, लेकिन गुरू सप्तमी पर गुरूदेव की मूर्ति के दर्शन करने के लिए यहां भक़्तों का सैलाब उमड़ पड़ता है। पूजनीय श्रीमद् विजय राजेंद्र सुरीश्वर जी महाराज साहेब की 196 वी जन्म जयंती एवं 116 वी पुण्यतिथि मोहनखेड़ा तीर्थ पर आज मनाई जा रही है। यहां गुरूदेव की मूर्ति के दर्शन के लिए दो दिन पहले से ही भक्तों का आना शुरू हो जाता है और वे वहां तीन से चार दिनों तक ठहकर गुरू सप्तमी मनाते हैं। एक तरह से यहां मेले जैसा माहौल बन जाता है। आज सुबह 4 बजे से ही गुरू मंदिर में जो सोने का बना हुआ है वहां गुरूदेव की प्रतिमा के दर्शन के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े। इनमें मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना और अन्य प्रदेशों से बड़ी संख्या में गुरू भक्त आए हुए हैं। वहीं विदेशों से भी गुरू भक्त मेाहनखेड़ा तीर्थ पहुंचे हैं। इंदौर से भी हजारों गुरू भक्त मोहनखेड़ा पहुंचे हंै। तीर्थ से जुड़े कपिल जैन ने बताया कि शाम को गुरुदेव की आरती होगी, जिसमें कई सालों से केसर की बरसात होती है। आरती के दौरान यहां गुरू भक्तों ने साक्षात चमत्कार देखे हैं जब केसर के छींटे उनके कपड़ों और नोट पर आ जाते हैं #भारत #संस्कृति #धर्म #jain #hindu #jainism #mohankheda #guru #dadaguru #jainguru #mohankhedatirth #jainmandir #jaintemple #temple #mandir #gurudev #mandirdarshan #templedarshan #Indiantemples #jainbhajan #jainstatus #jainbhajanstatus #jainbhajanstatusvideos #jaijinenda