13 वां शक्तिपीठ हरसिद्धि माता 🔱महाराज विक्रमादित्य ने यहाँ 11 बार काटा था अपना सिर!
आत्म जागरण
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13 वां शक्तिपीठ हरसिद्धि माता 🔱महाराज विक्रमादित्य ने यहाँ 11 बार काटा था अपना सिर!
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मध्य प्रदेश की पावन नगरी 'उज्जैन' को हम सभी महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के लिए जानते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि महाकाल वन का ऊर्जा चक्र तब तक पूरा नहीं होता, जब तक शक्ति का स्वरूप 'हरसिद्धि माता' न जुड़ें? 51 शक्तिपीठों में से यह 13वां महाशक्तिपीठ है, जहाँ माता सती की 'कोहनी' (Elbow) गिरी थी। यह वही जाग्रत स्थान है जहाँ चक्रवर्ती सम्राट विक्रमादित्य ने माता को प्रसन्न करने के लिए 11 बार अपना शीश काटकर चढ़ा दिया था!
इस वीडियो में जानिए:
✨ हरसिद्धि शक्तिपीठ का रहस्य: जहाँ माता सती बनीं 'मंगल चंडिका' और शिव बने 'मांगल्या' भैरव।
🔹 महाराज विक्रमादित्य की परम भक्ति और हर बार सिर कटने पर वापस जुड़ जाने का चमत्कार!
🔸 मंदिर के प्रांगण में मौजूद 51 फीट ऊंचे उन दो विशाल 'दीप-स्तंभों' का सच, जिन्हें जलाना आज भी एक कला है।
✨ महाकाल (शिव) और हरसिद्धि (शक्ति) का वह ब्रह्मांडीय कनेक्शन जो उज्जैन को पृथ्वी का नाभि-केंद्र बनाता है।
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