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Surah Al Anam Ayat 21-30 | Urdu Translation | Para 7 | by Maulana Rizwan Nadwi LIVE#Islamicliv

Official Rizwan Nadwi Islamic

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Surah Al Anam Ayat 21-30 | Urdu Translation | Para 7 | by Maulana Rizwan Nadwi LIVE#Islamicliv

306 просмотров · Трансляция закончилась 23 часа назад
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Surah Al Anam Ayat 21-30 | Urdu Translation | Para 7 | Maulana Rizwan Nadwi LIVE Assalamu Alaikum Wa Rahmatullahi Wa Barakatuhu! आज के इस LIVE में मौलाना रिजवान नदवी कुरआन शरीफ की सूरह अल-अनाम की आयत नंबर 21 से 30 तक का उर्दू तर्जुमा बयान करेंगे। इस सेशन में हम कुरआन की इन आयतों का अर्थ और उनमें दिए गए संदेश को समझने की कोशिश करेंगे। 📖 LIVE Session Details Surah: Al-An'am (سورة الأنعام) Ayat: 21–30 Para: 7 Language: Urdu Topic: Quran Sharif Urdu Translation Speaker: Maulana Rizwan Nadwi Time: दोपहर 3:00 बजे 📖 सूरह अल-अनाम की आयत 21–30 में क्या-क्या बयान हुआ है? आयत 21 — अल्लाह पर झूठ बाँधने का अंजाम इस आयत में अल्लाह पर झूठ बाँधने और उसकी आयतों को झुठलाने की गंभीरता बयान की गई है। आयत 22 — क़यामत के दिन का दृश्य उस दिन का ज़िक्र है जब सभी लोगों को एकत्र किया जाएगा और शिर्क करने वालों से उनके बनाए हुए साझेदारों के बारे में पूछा जाएगा। आयत 23 — शिर्क करने वालों का इनकार इस आयत में क़यामत के दिन शिर्क करने वालों के इस दावे का ज़िक्र है कि वे मुशरिक नहीं थे। आयत 24 — झूठे दावों की हकीकत यह बताया गया है कि उनके झूठे दावे और मनगढ़ंत बातें उनके किसी काम नहीं आएँगी। आयत 25 — कुरआन सुनने के बावजूद इनकार कुछ लोगों के कुरआन सुनने, लेकिन उसे स्वीकार न करने और उसे पहले लोगों की कहानियाँ कहने का ज़िक्र है। आयत 26 — दूसरों को रोकना और खुद दूर रहना इस आयत में उन लोगों का उल्लेख है जो दूसरों को भी इस संदेश से दूर रखते हैं और स्वयं भी उससे दूर रहते हैं। आयत 27 — जहन्नम के सामने का दृश्य जब ऐसे लोगों को आग के सामने खड़ा किया जाएगा, तो वे दुनिया में वापस भेजे जाने की इच्छा करेंगे ताकि ईमान वालों में शामिल हो सकें। आयत 28 — दुनिया में लौटने की इच्छा की हकीकत इस आयत में बताया गया है कि उनकी छिपी हुई बातें सामने आ जाएँगी। यदि उन्हें वापस भेज भी दिया जाए, तो वे फिर वही काम करेंगे जिनसे उन्हें रोका गया था। आयत 29 — केवल दुनिया की जिंदगी को मानना उन लोगों की सोच का उल्लेख है जो कहते थे कि बस यही दुनिया की जिंदगी है और उन्हें दोबारा उठाया नहीं जाएगा। आयत 30 — दोबारा उठाए जाने की सच्चाई इस आयत में रब के सामने खड़े किए जाने और दोबारा ज़िंदा किए जाने की सच्चाई स्वीकार करने का दृश्य बयान हुआ है। इसके बाद इनकार करने वालों को उनके कुफ्र के कारण अज़ाब का सामना करना पड़ेगा। इन आयतों का मूल संदेश यह है कि इंसान को अल्लाह की आयतों को गंभीरता से लेना चाहिए और आख़िरत की जवाबदेही को नहीं भूलना चाहिए। � quran.islamonline.net +1 🕌 कुरआन का तर्जुमा सुनिए और समझिए कुरआन शरीफ की आयतों का उर्दू तर्जुमा सुनने और उनका संदेश समझने के लिए हमारे LIVE से जुड़ें। 📢 इस LIVE को अपने परिवार और दोस्तों के साथ शेयर करें, ताकि अधिक लोग कुरआन का संदेश समझ सकें। Channel: Maulana Nadwi Official Speaker: Maulana Rizwan Nadwi Surah Al Anam Surah Al-Anam Surah Anam Surah Al Anam Ayat 21-30 Surah Anam Ayat 21 to 30 Surah Al Anam Urdu Translation Surah Anam Urdu Tarjuma Surah Anam Ka Tarjuma Surah Al Anam Tafseer Quran Urdu Translation Quran Translation in Urdu Quran Tafseer Urdu Para 7 Quran Translation Para 7 Surah Al Anam Surah Al Anam Bayan Islamic Bayan Urdu Quran Urdu Bayan Maulana Rizwan Nadwi Rizwan Nadwi Surah Anam Live Quran Translation Live