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स्वर्गेश्वर धाम आल्हा जिनकी पूजा करने आते हैं प्राकृतिक गुफा के बीच विराजे #viralvideo#mahadev #shiv

Shivkripa@

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स्वर्गेश्वर धाम आल्हा जिनकी पूजा करने आते हैं प्राकृतिक गुफा के बीच विराजे #viralvideo#mahadev #shiv

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Shivkripa@
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स्वर्गेश्वर धाम यह मंदिर छतरपुर से लगभग 55 किलोमीटर दूर चंदननगर से 15 किलोमीटर दूर बन परिक्षेत्र में आता है यहां जाने के लिए सावन के अलावा आपको वन विभाग द्वारा परमिशन लेनी पड़ती है क्योंकि यहां आज भी जंगली जानवर बड़े-बड़े जंगली जानवर दिखाई देते हैं यहां माना जाता है की आल्हा ऊदल नृत्य मां शारदा के बाद भगवान शिव की पूजा करने आते हैं और यहां महाशिवरात्रि और जनवरी माह में बहुत बड़ा मेला का आयोजन होता है जिसमें भारी संख्या में भक्तगण भगवान के दर्शन करने आते हैं यह चंदेल कालीन बहुत पुराना अति प्राचीन मंदिर है यहां के दर्शनों से मनोकामनाओं की पूर्ति होती है भगवान शिव प्राकृतिक गुफा के अंदर विराजमान है यहां 400 से 450 सीढ़ियां यह स्थान बहुत ही लंबी है और अलग है यहां नित्य 24 घंटे पहाड़ से गंगा जी की एक धार बहती है जो निरंतर शिवजी का अभिषेक करती है यहां आने के मुख्य दो खतरे भी है एक जंगली जानवर से और दूसरा यहां पहाड़ की पर बहुत बड़ी मात्रा में मधुमक्खियां का छत्ता भी लगा है जो गर्मियों में शिव जी को पूरा ढके रहती हैं और शिवजी दिखाई नहीं देती तो एक बड़ा खतरा अगर गर्मियों में आ पाते हैं तो बड़े ही सुबह दर्शन कर ले सुबह के बाद गर्मी होने पर आपको दर्शन नहीं होंगे सर्दियों में बरसात में आपके दर्शन सुगमता से हो जाएंगे जय जय श्री सीताराम हर हर महादेव