Commutation Recovery सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब? | #SainikWelfareNews
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Commutation Recovery सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब? | #SainikWelfareNews
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JAI HIND JAI BHARAT
Video Tags: "Ravinder Nath Sharma vs State Of Punjab
" अब सुप्रीम कोर्ट में पहुंच चुका है, जो हजारों पेंशनभोगियों के भविष्य को प्रभावित कर सकता है।
• जब कोई कर्मचारी रिटायर होता है, तो वो अपनी पेंशन का हिस्सा एकमुश्त (commuted) ले सकता है।
• इसके बदले सरकार हर महीने एक हिस्सा काटती है, जिससे वह राशि वसूल हो सके।
• केंद्र सरकार और पंजाब जैसे राज्यों में ये कटौती 15 साल (यानि 180 महीने) तक चलती है।
• लेकिन पेंशनर्स का दावा है कि सरकार पूरा पैसा ब्याज समेत लगभग 11.5 साल (≈135 महीने) में ही वसूल कर लेती है।
• यानि 3.5 साल तक कटौती जारी रखना अनुचित लाभ (undue enrichment) है।
• इसलिए पंजाब के सैकड़ों पेंशनभोगियों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई।
• नवंबर 2024 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि ये नीति का मामला है, और इसमें कोर्ट हस्तक्षेप नहीं करेगा।
• कोर्ट ने कहा – आपने खुद कम्युटेशन चुना था, और जब तक सरकार की नीति स्पष्ट है, कोर्ट कुछ नहीं कर सकता।
• हालांकि कोर्ट ने निर्देश दिया कि “वसूली धीरे-धीरे (staggered manner) की जाए, ताकि पेंशनर पर भार कम हो।”
• इस फैसले के बाद अब मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट।
• रिटायर्ड कर्मचारी रविंदर नाथ शर्मा और अन्य ने Supreme Court में SLP दाखिल की।
• 6 अक्टूबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने इसे सुना। बेंच में थे – जस्टिस पंकज मिथल और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले।
• कोर्ट ने सबसे पहले देरी को माफ किया और याचिका स्वीकार कर ली।
• कोर्ट ने पंजाब सरकार से पूछा –
"आपने हाईकोर्ट में कहा था कि एक विशेषज्ञ समिति बनाकर इस 15 साल की अवधि पर पुनर्विचार करेंगे। अब तक वह समिति क्यों नहीं बनी?"
• सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया और सरकार से समयसीमा माँगी – कि ये समिति कब तक बनेगी।
•
• अभी तक सुप्रीम कोर्ट ने कोई अंतिम फैसला या स्टे (रोक) नहीं दिया है।
• केस सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, लेकिन कोर्ट ने साफ किया है कि सरकार को अब इस मुद्दे पर गंभीर होना पड़ेगा।
• अगर समिति बनती है और वो सिफारिश करती है कि 15 साल की जगह 11.5 या 12 साल पर्याप्त है, तो देशभर में पेंशनभोगियों को राहत मिल सकती है।
• पेंशन में अतिरिक्त कटौती रुक सकती है या वापस भी की जा सकती है।
• ये केस केवल पंजाब का नहीं है – केंद्र सरकार और कई राज्य 15 साल की कटौती वाली नीति अपनाते हैं।
• अगर सुप्रीम कोर्ट या सरकार इस पर पुनर्विचार करती है, तो 50 लाख से ज़्यादा रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों को सीधा फायदा हो सकता है।
• यह मुद्दा संवेदनशील है क्योंकि बुज़ुर्ग पेंशनर्स पहले से महंगाई से जूझ रहे हैं और 15 साल तक कटौती उनके लिए बोझ है।
•
Conclusion –
• Supreme Court इस मामले की निगरानी कर रहा है।
• अगली सुनवाई में अगर पंजाब सरकार जवाब नहीं देती, तो कोर्ट खुद कड़ा रुख अपना सकता है।
• अगर आप या आपके परिजन पेंशनभोगी हैं, तो इस केस पर ध्यान रखें।