कलवारी पहाड़ डोंगरगढ़ में क्रूस रास्ता || बिश्रामपुर छत्तीसगढ || Good Friday & Ester Day
Sudhir Minz
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कलवारी पहाड़ डोंगरगढ़ में क्रूस रास्ता || बिश्रामपुर छत्तीसगढ || Good Friday & Ester Day
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कलवारी पहाड के बारे में सम्पूर्ण जानकारी:-
छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में स्थित यह है... कलवारी पहाड ।
Calvary Hill या फिर Stations of the Cross के नाम से भी जाने जाते हैं।
एक पहाड़ी जो सिर्फ एक पहाड़ नहीं... बल्कि एक जीवित इतिहास है... एक भावुक दास्तां है... यीशु मसीह की अंतिम यात्रा की।
स्थान: कलवारी पहाड़ डोंगरगढ़ के रेलवे कॉलोनी रोड पर स्थित है।
Location visits :- 👇👇👇
https://maps.app.goo.gl/PeaYawAQjfeBA...
समय: यह स्थल प्रतिदिन सुबह 6:00 बजे से शाम 8:00 बजे तक खुला रहता है।
यहाँ कुल 450 सीढ़ियाँ हैं... लेकिन हर सीढ़ी पर रुककर लोग एक दर्द, एक बलिदान और एक उम्मीद को महसूस करते हैं।
यही नहीं...
सीढ़ियों के साथ-साथ आपको मिलेंगे 14 स्टेशन्स... हर स्टेशन पर आपको मसीह की सूली यात्रा की कहानी दिखाई देगी।
Stations of the Cross वह 14 घटनाएँ हैं जो यीशु मसीह के कैलवरी पहाड़ी तक के सफर और उनके क्रूस पर चढ़ाए जाने से जुड़ी हुई हैं। ईसाई समुदाय विशेष रूप से लेंट ( Lent ) और ( गुड फ्राइडे ) के दौरान इन अवस्थाओं का स्मरण करते हैं। हर स्टेशन यीशु के दुःखद यात्रा (Passion) का प्रतीक है।
14 अवस्थाएँ (Stations) का विवरण:
1. पहला स्टेशन – यीशु को मृत्यु दंड (क्रूस पर चढ़ाने) की सजा सुनाई जाती है।
2. दूसरा स्टेशन – यीशु अपने क्रूस को कंधों पर उठाते हैं।
3. तीसरा स्टेशन – यीशु पहली बार क्रूस के बोझ से गिरते हैं।
4. चौथा स्टेशन – यीशु अपनी माता मरियम से मिलते हैं।
5. पाँचवाँ स्टेशन – साइमन नामक व्यक्ति यीशु की मदद करता है क्रूस उठाने में।
6. छठा स्टेशन – वेरोनिका यीशु का चेहरा पोंछती है।
7. सातवाँ स्टेशन – यीशु दूसरी बार गिरते हैं।
8. आठवाँ स्टेशन – यीशु यरूशलेम की रोती हुई महिलाओं से बात करते हैं।
9. नवाँ स्टेशन – यीशु तीसरी बार गिरते हैं।
10. दसवाँ स्टेशन – यीशु के कपड़े उतारे जाते हैं।
11. ग्यारहवाँ स्टेशन – यीशु को क्रूस पर कील ठोकी जाती है।
12. बारहवाँ स्टेशन – यीशु क्रूस पर मर जाते हैं।
13. तेरहवाँ स्टेशन – यीशु के मृत शरीर को क्रूस से उतारा जाता है।
14. चौदहवाँ स्टेशन – यीशु को कब्र में रखा जाता है।
लेकिन... रहस्य यहाँ खत्म नहीं होता।
कहते हैं... इस पहाड़ी पर चढ़ने वाला हर व्यक्ति एक अनदेखी शक्ति को महसूस करता है। जैसे कोई अदृश्य हाथ आपको ऊपर बुला रहा हो... आपके दुख और बोझ को अपने साथ ले जाने के लिए।
हर साल गुड फ्राइडे के दिन हजारों लोग नंगे पाँव इस पहाड़ की चढ़ाई करते हैं... कुछ अपने पापों का प्रायश्चित करने... तो कुछ अपने टूटे हुए सपनों को लेकर।
और जब आप चोटी पर पहुँचते हैं...
तो सामने होता है... एक विशाल क्रॉस, और उसके नीचे यीशु मसीह की प्रतिमा... जो मानो आपको देख रही हो... आपके अंदर के हर सवाल का जवाब देती हो।
और तभी... एक शांति आपको घेर लेती है। आपकी प्रार्थना... आपकी भावनाएँ... जैसे उस क्रॉस में समा जाती हैं।
कैलवरी हिल सिर्फ एक पहाड़ी नहीं... यह एक अलौकिक अनुभव है। जहाँ हर पत्थर हर सीढ़ी... आपको एक नई सीख देता है।
तो अगली बार जब आप डोंगरगढ़ जाएँ... तो खुद को बुलाइए... इस रहस्यमयी पहाड़ी के सफर पर...
क्योंकि... हो सकता है... वहाँ आपकी कोई अधूरी कहानी पूरी हो जाए।
#sudhirminz
jesus message