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जिस भाव में वृषभ राशि वहीं है जीवन की स्थिरता,#वृषभ#राशि#भाव#फलादेश#कुंडली#prediction#Taurus#astro

नक्षत्र तक

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जिस भाव में वृषभ राशि वहीं है जीवन की स्थिरता,#वृषभ#राशि#भाव#फलादेश#कुंडली#prediction#Taurus#astro

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NAKSHTRA TAK – Authentic Vedic Astrology & Jyotish Education Welcome to NAKSHTRA TAK, a dedicated channel for authentic Vedic Astrology (Jyotish Shastra) based on classical principles, practical application, and real-life prediction techniques. जिस भाव में वृषभ राशि वहीं है जीवन की स्थिरता,#वृषभ#राशि#भाव#फलादेश#कुंडली#prediction#horoscope कुंडली के #12 #भावों में शुक्र की राशि #वृषभ (#Taurus) होने पर उस भाव से जुड़े मामलों में स्थिरता, भौतिक सुख, धैर्य और दृढ़ता का प्रभाव बढ़ता है। चूंकि वृषभ एक स्थिर और पृथ्वी तत्व की राशि है, अतः यह हर भाव के फल में स्थायित्व और सुंदरता लाती है। प्रथम भाव से षष्ठ भाव तक वृषभ राशि का फलपहला भाव (लग्न): जातक शांत, धैर्यवान, सुंदर व्यक्तित्व और आकर्षक रूप-रंग वाला होता है। स्वभाव में जिद्दीपन लेकिन जीवन में दृढ़ता होती है। दूसरा भाव (धन भाव): आर्थिक मामलों में मजबूती आती है। जातक की वाणी मधुर होती है और परिवार से गहरा जुड़ाव रहता है। संचित धन और कुटुंब का अच्छा सुख मिलता है। तीसरा भाव (पराक्रम भाव): भाई-बहन के साथ संबंध स्थिर होते हैं। जातक अपने प्रयासों और पराक्रम में धीमा लेकिन पक्का निर्णय लेता है। कला, संगीत या लेखन में रुचि हो सकती है। चौथा भाव (सुख भाव): भूमि, भवन, वाहन और माता का भरपूर सुख मिलता है। घर का वातावरण शांत, सुसज्जित और आरामदायक होता है। पाँचवा भाव (विद्या भाव): शिक्षा के क्षेत्र में स्थिरता रहती है। संतान सुख अच्छा होता है। प्रेम संबंधों में वफादारी और गहराई होती है। जातक की बुद्धि व्यावहारिक होती है। छठा भाव (रोग/शत्रु भाव): शत्रुओं पर विजय मिलती है। हालांकि गले, थायराइड या खान-पान की गड़बड़ी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। कर्ज से निपटने में जातक समझदारी दिखाता है। सप्तम भाव से द्वादश भाव तक वृषभ राशि का फलसातवां भाव (विवाह भाव): जीवनसाथी सुंदर, वफादार, समझदार और कलाप्रेमी होता है। वैवाहिक जीवन में स्थायित्व और आपसी सामंजस्य अच्छा रहता है। आठवां भाव (आयु भाव): अचानक धन लाभ या पैतृक संपत्ति मिलने के योग बनते हैं। आयु लंबी होती है। शोध कार्यों या गुप्त विद्याओं में रुचि बढ़ सकती है। नौवां भाव (भाग्य भाव): भाग्य का साथ धीरे-धीरे लेकिन स्थाई रूप से मिलता है। जातक धर्मी, सुसंस्कृत और कला-संस्कृति का आदर करने वाला होता है। लंबी यात्राओं से लाभ होता है। दसवां भाव (कर्म/राज्य भाव): करियर और व्यवसाय में स्थिरता रहती है। जातक बैंकिंग, वित्त (Finance), कला, फैशन, सौंदर्य या खान-पान के क्षेत्र में विशेष सफलता पाता है। ग्यारहवां भाव (लाभ भाव): आय के स्रोत स्थिर और मजबूत होते हैं। बड़े भाई-बहनों और मित्रों से सहयोग मिलता है। इच्छाएं पूरी होती हैं और सामाजिक दायरा बढ़ता है। बारहवां भाव (व्यय भाव): सुख-सुविधाओं, सौंदर्य और आरामदायक चीजों पर धन खर्च होता है। विदेश यात्रा या विदेशी स्रोतों से लाभ के योग बनते हैं। नींद और आंतरिक शांति अच्छी रहती है। When Venus is placed in #Taurus in any of the #12 #houses of the #horoscope , the influence of stability, material comforts, patience, and perseverance increasesin matters related to that house . Since Taurus is a stable and earthy sign, it brings stability and beauty to the results of each house.