Live🔴Art Of Living Part-1 आर्ट ऑफ लिविंग। हैदराबाद से लाइव 10.08.2026
Jahaj Mandir
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"Live🔴Art Of Living Part-1 आर्ट ऑफ लिविंग। हैदराबाद से लाइव 10.08.2026"
पूज्य आचार्य श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा.
चैप्टर 1: जीवन की नश्वरता और विभिन्नता
विषय: जन्म, मृत्यु और जीवन के भिन्न-भिन्न अनुभव।
चैप्टर 2: जीवन क्या है? - स्वयं की एक अद्भुत परीक्षा
विषय: केवल साँस लेना या खाना-पीना जीवन नहीं है; जीवन स्वयं का मूल्यांकन है।
जीवन सिर्फ खाने-पीने, सोने और दिन-रात काटने का नाम नहीं है।
सांसारिक स्कूल की परीक्षा में पेपर बनाने वाला, लिखने वाला और जाँचने वाला अलग होता है।
जीवन की परीक्षा: इसमें हम ही विद्यार्थी हैं, हम ही पेपर बनाते हैं, हम ही लिखते हैं और हम ही अपना परिणाम (Result) तय करते हैं कि हम पास हुए या फेल।
चैप्टर 3: दृष्टिकोण (Perspective) का महत्व – गुलाब और काँटे
विषय: परिस्थितियाँ सबके लिए समान होती हैं, लेकिन हमारा देखने का नजरिया अलग होता है।
एक व्यक्ति देखकर कहता है: "यह कैसा फूल है जिसमें काँटे हैं?" (नकारात्मक दृष्टिकोण)।
दूसरा व्यक्ति देखकर कहता है: "क्या अद्भुत बात है, काँटों के बीच भी फूल खिला है!" (सकारात्मक दृष्टिकोण)।
जीवन में हमेशा सुख-दुःख, फूल-काँटे साथ रहेंगे, लेकिन खुशी इस बात पर निर्भर करती है कि हमारी नजर किस पर जाती है।
चैप्टर 4: संत और आम का पेड़ (सहनशीलता का पाठ)
विषय: फल देने वाले पेड़ और बच्चों का उदाहरण।
जीवन में 'जैसे को तैसा' (Tit for Tat) नहीं बनना चाहिए, बल्कि 'जैसे को वैसा' बनो—अर्थात सामने वाला चाहे जैसा हो, मैं अपने अच्छे स्वभाव को नहीं छोड़ूँगा।
चैप्टर 5: नाव और घमंडी प्रोफेसर की कहानी
विषय: व्यावहारिक ज्ञान और अहंकार का विनाश।
किताबी ज्ञान से अधिक जीवन में 'तैरने की कला' (जीवन जीने और परिस्थितियों से निपटने की कला) आना जरूरी है।
चैप्टर 6: साधुता और कर्म-निर्जरा (दुःख में भी प्रसन्नता)
विषय: दुखों के बीच भी मुस्कुराने का रहस्य।
साधु दुःख मिलने पर सोचता है कि यह मेरे ही पूर्व कर्मों का फल है, और दुःख सहने से कर्म कट (नष्ट हो) रहे हैं। कर्मों का नष्ट होना ही वास्तविक सुख का कारण है।
चैप्टर 7: दुर्योधन और युधिष्ठिर की कथा (बुराई बनाम अच्छाई)
विषय: इंसान वैसा ही देखता है जैसा उसका अंदर का भाव होता है।
हमारे अंदर दुर्योधन और युधिष्ठिर दोनों का भाव छिपा है। यदि हम दूसरों में अच्छाई देखेंगे तो युधिष्ठिर बनेंगे, और बुराई ढूँढेंगे तो दुर्योधन।
चैप्टर 8: जीवन जीने का पहला सूत्र – "नकारात्मकता से बचें"
विषय: जीवन को स्वर्ग जैसा बनाने के लिए पहला नियम।
00:00 – 🔥 Introduction | जीवन और मृत्यु का नियम (Life & Death Law)
00:34 – 🎭 सुख-दुख का सच | Happiness vs Suffering
01:07 – 💨 क्या सिर्फ सांस लेना ही जीवन है?
02:01 – 🎁 जीवन: परीक्षा या उपहार? (Life Test vs Gift)
02:52 – 🏫 School Exam vs Life Exam
03:44 – 🌟 अमरता और महान व्यक्तित्व (Immortality Concept)
05:11 – 💎 मनुष्य जीवन का असली मूल्य
05:50 – 🌹 गुलाब vs कांटे | Power of Perspective
07:34 – 🥭 संत और आम का पेड़ | Kindness Story
09:52 – ⚖️ जैसे को तैसा नहीं | Be Your True Self
10:40 – 🧭 Art of Living | जीने की कला
11:31 – ❤️ बुराई के बदले अच्छाई (Kindness Wins)
15:47 – ⛵ नाव और अहंकारी प्रोफेसर | Ego Lesson
23:28 – 😊 खुश रहने का रहस्य (Secret of Happiness)
24:23 – 💪 दुख में भी सुखी कैसे रहें?
27:19 – 🌈 Positive Thinking का महत्व
27:48 – 🚫 Rule 1: बुराई नहीं देखना
28:27 – ⚔️ दुर्योधन vs युधिष्ठिर Mindset
34:48 – 👀 अच्छाई देखने की आदत
38:47 – 🙊 गांधी जी के 3 बंदर (Life Rule)
47:27 – 🔚 Conclusion + Amar Kumar Story
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