Перейти к содержимому

कृष्ण की इच्छा ही सर्वोपरि है | श्रीमद्भगवद्गीता 11.34 | HG Bhakti Ashray Vaishnav Swami Maharaj

BHAKTI lata

0:00 / 0:00

कृष्ण की इच्छा ही सर्वोपरि है | श्रीमद्भगवद्गीता 11.34 | HG Bhakti Ashray Vaishnav Swami Maharaj

2 756 просмотров · 3 нед. назад
BHAKTI lata
15,2 тыс. подписчиков
2 756 просмотров · 3 нед. назад
कृष्ण की इच्छा ही सर्वोपरि है | श्रीमद्भगवद्गीता 11.34 | HG Bhakti Ashray Vaishnav Swami Maharaj भगवान की इच्छा के सामने कोई नहीं टिक सकता | BG 11.34 | Special Lecture | HG Bhakti Ashray Vaishnav Swami Maharaj श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय 11 — विश्वरूप दर्शन योग | श्लोक 11.34 भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन को बताते हैं कि इस युद्धभूमि में जिन महान योद्धाओं का वध होना निश्चित है, उनके विषय में अर्जुन को केवल भगवान की इच्छा का माध्यम बनकर अपना कर्तव्य निभाना है। इस विशेष प्रवचन में HG Bhakti Ashray Vaishnav Swami Maharaj भगवद्गीता के श्लोक 11.34 के गहरे आध्यात्मिक अर्थ को सरल और व्यावहारिक रूप में समझाते हैं। 🙏 इस lecture से हमें सीख मिलती है कि जीवन में भगवान की इच्छा को स्वीकार करके अपने निर्धारित कर्तव्य को ईमानदारी से निभाना ही वास्तविक आध्यात्मिक समझ है। 📖 श्रीमद्भगवद्गीता — अध्याय 11, श्लोक 34 🕉️ Speaker: HG Bhakti Ashray Vaishnav Swami Maharaj हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे 🙏 अगर आपको यह प्रवचन उपयोगी लगे तो Like, Share और Subscribe जरूर करें और इस ज्ञान को अधिक से अधिक भक्तों तक पहुँचाएँ। #bhagavadgita #BG1134 #bhagavadgitahindi #krishna #lordkrishna #iskcon #krishnaconsciousness #bhakti #harekrishna #Gita #srimadbhagavadgitainbengali #bhagavadgitaasitis #BhaktiAshrayVaishnav #spirituallectures #vishwaroopdarshan