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🔱 शिव तांडव स्तोत्रम् (श्लोक 13)🔱| Shiv Tandav Stotram Shlok 13 | प्रचंड तांडव | हर हर महादेव

🕉️ओमश्री संसार | OmShree Sansar

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🔱 शिव तांडव स्तोत्रम् (श्लोक 13)🔱| Shiv Tandav Stotram Shlok 13 | प्रचंड तांडव | हर हर महादेव

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शिव तांडव स्तोत्रम् – श्लोक 13 🔱 🔱 हर हर महादेव 🙏 | ॐ नमः शिवाय 🔱 रावण द्वारा रचित शिव तांडव स्तोत्रम् – श्लोक 13 का यह दिव्य पाठ भगवान महादेव की भक्ति, समर्पण और शिवमय जीवन की भावना को समर्पित है। श्लोक: कदा निलिंपनिर्झरी निकुजकोटरे वसन्‌। विमुक्तदुर्मतिः सदा शिरःस्थमंजलिं वहन्‌। विमुक्तलोललोचनो ललामभाललग्नकः। शिवेति मंत्रमुच्चरन्‌ कदा सुखी भवाम्यहम्‌॥ 🔱 🙏 इस श्लोक में भक्त की वह भावना व्यक्त होती है जिसमें वह सांसारिक विकारों से मुक्त होकर भगवान शिव के ध्यान और “शिव” नाम के स्मरण में जीवन बिताने की कामना करता है। 🎧 शांत मन से सुनें और “हर हर महादेव” का स्मरण करें। 🔱 अगर आपको भगवान शिव की भक्ति और शिव तांडव स्तोत्रम् पसंद है, तो वीडियो को Like 👍 | Share 🔄 | Subscribe 🔔 जरूर करें। ॐ नमः शिवाय 🕉️ हर हर महादेव 🔱 #ShivTandavStotram #Shlok13 #Mahadev #Shiva #HarHarMahadev #OmNamahShivay #ShivTandav #Mahakal #Bholenath #ShivBhakti #MahadevBhakti #ShivaMantra #SanatanDharma #ShivStotra #OmShreeSansar