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Chhathi Maiya Song | The Viman | Vishal Mishra | Kaushal Kishore | Chhath Puja Special 2026

itzsofsa и Bhaktigayan

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Chhathi Maiya Song | The Viman | Vishal Mishra | Kaushal Kishore | Chhath Puja Special 2026

231 просмотр · 16 часов назад
itzsofsa и Bhaktigayan
231 просмотр · 16 часов назад
अभिनेत्री तमन्ना भाटिया अपनी अपकमिंग सुपरनेचुरल थ्रिलर फिल्म 'द व्वान' (The Vvaan: Force of the Forest) में पहली बार एक पारंपरिक बिहारी महिला के रूप में छठ व्रत करते हुए नजर आ रही हैं। बॉलीवुड के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी मुख्यधारा की बड़ी फिल्म में छठ महापर्व के अनुष्ठानों को इतने भव्य और प्रामाणिक तरीके से दिखाया जा रहा है। फिल्म में छठ व्रत और बिहार की सांस्कृतिक झलक इस फिल्म में छठ महापर्व को केवल एक धार्मिक त्योहार के रूप में नहीं, बल्कि बिहार की संस्कृति, आस्था, परंपरा और भावनात्मक जीवन से जुड़े एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में प्रस्तुत किया गया है। फिल्म में अभिनेत्री तमन्ना भाटिया का किरदार छठ व्रती के रूप में दिखाई देता है, जिसके माध्यम से इस पर्व की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को दर्शाने का प्रयास किया गया है। 🌟 किरदार की मुख्य विशेषताएँ 1. छठ व्रती का पारंपरिक रूप फिल्म में तमन्ना भाटिया का लुक पूरी तरह पारंपरिक छठ व्रती जैसा रखा गया है। वह लाल और पीले रंग की पारंपरिक सूती साड़ी पहने हुए दिखाई देती हैं। उनके हाथों में पूजा का सूप है और माथे से लेकर मांग तक लंबा पारंपरिक सिंदूर लगाया गया है। उनका यह रूप बिहार और पूर्वांचल की उन महिलाओं की पारंपरिक छवि को दर्शाता है, जो छठ पूजा के दौरान कठिन नियमों और पूरी श्रद्धा के साथ सूर्य देव तथा छठी मैया की आराधना करती हैं। 2. सूर्य देव को अर्घ्य फिल्म के महत्वपूर्ण दृश्यों में अभिनेत्री को कमर तक पानी में खड़े होकर उगते हुए सूर्य देव को अर्घ्य देते हुए दिखाया गया है। यह छठ पूजा की सबसे महत्वपूर्ण परंपराओं में से एक है। अर्घ्य देते समय व्रती सूर्य देव की ओर मुख करके जल अर्पित करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य तथा मंगल की कामना करते हैं। फिल्म में इस दृश्य को भावनात्मक और आध्यात्मिक वातावरण के साथ प्रस्तुत किया गया है। 3. बिहार की मिट्टी और संस्कृति से जुड़ाव इस किरदार के माध्यम से बिहार की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जड़ों को कहानी से जोड़ने का प्रयास किया गया है। छठ पूजा बिहार की पहचान से गहराई से जुड़ा हुआ पर्व है और फिल्म में इसके माध्यम से स्थानीय संस्कृति तथा परंपराओं को कहानी का हिस्सा बनाया गया है। मुख्य अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा के किरदार के साथ यह धार्मिक और सांस्कृतिक पहलू कहानी के रहस्यों तथा भावनात्मक घटनाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। --- 🎬 शूटिंग का भावुक अनुभव और तैयारी फिल्म के प्रमोशन और ट्रेलर लॉन्च के दौरान अभिनेत्री ने बताया कि मुंबई में पली-बढ़ी होने के कारण उन्होंने छठ पूजा की भीड़ और माहौल को देखा जरूर था, लेकिन इस व्रत की कठिन साधना और इसके पीछे की धार्मिक परंपराओं से वह पहले पूरी तरह परिचित नहीं थीं। छठ व्रती का किरदार निभाने के लिए उन्हें इस परंपरा को करीब से समझना पड़ा। इसके लिए उन्होंने बिहार की छठ पूजा से जुड़ी परंपराओं, रीति-रिवाजों और पूजा-पद्धति के बारे में जानकारी हासिल की। 📚 1. परंपराओं पर रिसर्च शूटिंग से पहले अभिनेत्री ने पटना और बिहार की महिलाओं द्वारा निभाई जाने वाली छठ पूजा की परंपराओं और पूजा-पद्धति को समझने का प्रयास किया। उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि छठ व्रत के दौरान व्रती किस प्रकार तैयारी करते हैं, कौन-कौन से नियमों का पालन करते हैं और पूजा के विभिन्न चरणों में किन परंपराओं का महत्व होता है। छठ पूजा में शुद्धता, अनुशासन और आस्था को विशेष महत्व दिया जाता है। व्रती कई कठिन नियमों का पालन करते हुए इस पर्व को पूरा करते हैं। 🌊 2. शूटिंग के दौरान भावुक अनुभव फिल्म की शूटिंग के दौरान जब अभिनेत्री को पानी में खड़े होकर सूर्य देव को अर्घ्य देने वाला दृश्य करना था, तब उन्हें इस परंपरा की भावनात्मक गहराई का अनुभव हुआ। दृश्य में केवल पानी में खड़े होकर पूजा करना ही उद्देश्य नहीं था, बल्कि उस समय व्रती की श्रद्धा, धैर्य और भावनाओं को भी अभिनय के माध्यम से व्यक्त करना था। इस दृश्य के दौरान छठ पूजा में शामिल लोगों और श्रद्धालुओं की आस्था ने भी शूटिंग के वातावरण को भावुक बना दिया। 🙏 3. छठ व्रत की कठिन साधना छठ पूजा को भारत के कठिन धार्मिक व्रतों में से एक माना जाता है। इसमें व्रती को कई नियमों और अनुशासन का पालन करना पड़ता है। इसमें मुख्य रूप से शुद्धता, सात्त्विक भोजन, पूजा की तैयारी, प्रसाद बनाना, सूर्य देव को अर्घ्य देना और निर्धारित धार्मिक परंपराओं का पालन शामिल है। फिल्म में इस कठिन साधना को केवल एक दृश्य के रूप में दिखाने के बजाय उसके पीछे मौजूद आस्था और भावनात्मक जुड़ाव को भी प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। --- ☀️ छठ पूजा का सांस्कृतिक महत्व छठ पूजा मुख्य रूप से सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित पर्व है। बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा नेपाल के कुछ क्षेत्रों में इसकी विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता है। इस पर्व में अस्त होते सूर्य और उगते सूर्य दोनों को अर्घ्य दिया जाता है। यह इसकी विशिष्ट परंपराओं में से एक है। छठ केवल पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि यह परिवार, समाज, अनुशासन, स्वच्छता, प्रकृति और सूर्य के प्रति कृतज्ञता से भी जुड़ा हुआ है। घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्र होते हैं। महिलाएँ पारंपरिक वस्त्र पहनकर पूजा करती हैं और ठेकुआ, फल तथा अन्य प्रसाद से पूजा की तैयारी की जाती है। इस प्रकार फिल्म में छठ पूजा के दृश्यों के माध्यम से बिहार की धार्मिक आस्था, लोक-संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली को कहानी से जोड़ने का प्रयास किया गया है। #chaatpuja #tammanabhatia ##palakmuchhal Singer Pawan Singh Backing Vocals: Divya Tawde, Vandana Kulkarni, Reshama Dhotre, Mayuri Kudalkar, Jyoti Kalsekar, Reshma Chature, Ratna Parab, Madhura Joshi, Sapna Heman , Pradnya Annam Vocals: Divya Tawde, Vandana Kulkarni, Reshama Dhotre, Mayuri