श्रेष्ठ धर्म करते हुए भी हम विचार करें कि,धर्म का मूलतत्व क्या है?(परहित सरिस धर्म--2)
Roop Kumar
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श्रेष्ठ धर्म करते हुए भी हम विचार करें कि,धर्म का मूलतत्व क्या है?(परहित सरिस धर्म--2)
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Roop Kumar
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धर्म का फल है सुखप्राप्ति,पर जबतक स्वसुख की आकांक्षा है,वह उत्कृष्ट धर्म नहीं है मानस में प्रतिपादित 'धर्मसार' हमें त्याग और तपस्या की प्रेरणा देते हैं।
युगतुलसी पंडित श्रीरामकिंकर प्रवचन संग्रह
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