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कर्मकाण्ड सीखे Part 3 || Pooja path me sankalp Kaise bole || पूजा का संकल्प बोलना सीखे

Aasan gyan (आसान ज्ञान)

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कर्मकाण्ड सीखे Part 3 || Pooja path me sankalp Kaise bole || पूजा का संकल्प बोलना सीखे

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Aasan gyan (आसान ज्ञान)
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कर्मकाण्ड सीखे Part 3 || Pooja path me sankalp Kaise bole || पूजा का संकल्प बोलना सीखे -------------------------------------------------------------------------------- #कर्मकाण्ड #संकल्प #आसान_ज्ञान ---------------------------------------------------------------------------- इस वीडियो में हमने संकल्प के बारे में बताया है कि पूजा पाठ में आप कैसे संकल्प बोल सकते हो बहुत ही आसान तरीका से । वीडियो को पूरा देखिए मैं पूर्ण विश्वास के साथ का सकता हूं कि इस वीडियो को देखने के बाद आप संकल्प बोलना सीख जाओगे । हर हर महादेव कर्मकाण्ड सीखे Part 3 ॐ विष्णुर्विष्णुर्विष्णुः श्रीमद्भगवतो महापुरुषस्य विष्णुर्राज्ञया प्रवर्तमानस्य अद्य श्री ब्रह्मणोनि द्वितीय प्रहरार्धे श्रीश्वेत वाराह कल्पे वैवस्वत मन्वन्तरे अष्टाविंशतितमे कलियुगे कलियुगस्य तत् प्रथमे चरणे भूर्लोके भारतखण्डे भारतवर्षे आर्यावर्तान्तर्गते ब्रह्मावैवर्त्तके देशे पुण्यक्षेत्रे ............ प्रदेशे...........मण्डलान्तर्गते ...............क्षेत्रे ........ स्थाने ........विक्रमशके......... बौद्धावतारे ..........संवत्सरे ........अयने ..........ऋतौ.........महा. माङ्गल्य प्रद मासानाम मासोत्तमे मासे ..........मासे......पक्षे.......तिथौ........वासरे........योगे.......करणे..........राशि स्थिते श्री चंद्रे........राशि स्थिते श्री सूर्ये...........राशि स्थिते श्री देवराज गुरौ शेषेशु ग्रहेषु यथा यथा राशिस्थान स्थितेषु सत्सु एवं ग्रहगुण-गण विशेषणविशिष्टायां शुभपुण्यतिथौ.......... गोत्रः..........शर्माऽहं(वर्माऽहं-गुप्तोऽहं- दासोऽहं) ममात्मनः श्रुतिस्मृति पुराणोक्त पुण्यफल प्राप्त्यर्थं मम कायिक वाचिक मानसिक सांसर्गिक ज्ञाता अज्ञात समस्त पाप क्षयार्थम् सद्धर्म सद्बुद्धि सद्विद्या सद्विवेक सदाचारादि प्राप्त्यर्थं आदित्यादि नवग्रह अनुकूलता सिद्धयर्थं प्रतिदिनम् अप्राप्त लक्ष्मी प्राप्त्यर्थं प्राप्त लक्ष्म्याः चिरकाल संरक्षणार्थं लोके सभायां राजद्वारे व्यापारे न्यायालये स्वकीय कार्यक्षेत्र दिन प्रतिदिन उत्तरोत्तर विकासार्थम् सकल परिवार सदसस्य शरिरे आरोग्यता प्राप्त्यर्थम् मनोऽभिलषित कामना सिद्धयर्थं साङ्गसायुधसवाहन सपरिवार श्री...............पूजनम् अहं करिष्ये । तदङ्गत्वेन कलस्थापन पूर्वकं वरुणादि देवानाम् आवाहनम् स्थापनम् पूजनम् गणेश सहित गौर्यादि षोडश मातृणां श्रियादि सप्तघृतमातृणां, सूर्यादि नवग्रह मण्डलस्थ देवानां आवाहनम् स्थापनम् पूजनम् दिग्ग्रक्षणं ब्राह्मण वरणं स्वस्ति पुण्याहवाचनम् सर्वतोभद्रमण्डलस्थ/ लिंगतोभद्रमण्डलस्थ देवानां आवाहनम् स्थापनम् पूजनम् लिंगतोभद्रमण्डलोपरि श्री साम्ब सदाशिवस्य सपरिवारस्य पूजनम् ............सर्वतोभद्रमण्डलोपरि कलस्थापनम् कलशे श्री दुर्गा देवी पुजनम् आरार्तिक्यम् क्षमापनम् यथाज्ञानेन अहम् करिष्ये ।