केकरा ही अंगना तिलक चढ़े दुआर बाधइया बाजे | भोजपुरी पारंपरिक सोहर गीत | Bhojpuri Sohar Geet
Rina Devigeet
0:00 / 0:00
केकरा ही अंगना तिलक चढ़े दुआर बाधइया बाजे | भोजपुरी पारंपरिक सोहर गीत | Bhojpuri Sohar Geet
280 просмотров · 8 дней назад
Rina Devigeet
59 подписчиков
280 просмотров · 8 дней назад
🎵 गीत: केकरा ही अंगना तिलक चढ़े दुआर बाधइया बाजे।।
🎶 श्रेणी: भोजपुरी पारंपरिक सोहर गीत
🌸 प्रकार: पारंपरिक लोक सोहर गीत
भोजपुरी लोक-संस्कृति और गांव-घर में गाए जाने वाले पारंपरिक सोहर गीतों की मधुर परंपरा को समर्पित यह सुंदर गीत “केकरा ही अंगना तिलक चढ़े दुआर बाधइया बाजे” प्रस्तुत है।
इस पारंपरिक सोहर गीत में भोजपुरी लोकगीतों की मिठास, पारंपरिक धुन और ग्रामीण संस्कृति की सुंदर झलक देखने-सुनने को मिलेगी।
गीत पसंद आए तो Like 👍 | Share ↗️ | Subscribe 🔔 जरूर करें।
#BhojpuriSohar #ParamparikSohar #SoharGeet #BhojpuriLokgeet #BhojpuriGeet
केकरा ही अंगना तिलक चढ़े दुआर बाधइया बाजे, केकरा ही अंगना, तिलक चढ़े दुआर, बाधइया बाजे, bhojpuri paramparik sohar geet, bhojpuri sohar geet, भोजपुरी पारंपरिक सोहर गीत, भोजपुरी सोहर गीत, sohar geet, सोहर गीत, bhojpuri lokgeet, भोजपुरी लोकगीत, paramparik sohar, traditional sohar geet, bhojpuri traditional song, bhojpuri folk song, bhojpuri lok geet, desi sohar geet, gaon ke sohar geet, पारंपरिक लोकगीत, भोजपुरी गीत