Перейти к содержимому

बीज वाले दयाराम काका | पुराने बीजों ने बचा लिया पूरा गाँव | Emotional Hindi कहानी

NijGyan

0:00 / 0:00

बीज वाले दयाराम काका | पुराने बीजों ने बचा लिया पूरा गाँव | Emotional Hindi कहानी

1 просмотр · 8 дн. назад
NijGyan
6 подписчиков
1 просмотр · 8 дн. назад
गाँव के बाहर धूल उड़ाती जीप आकर रुकी, और कंपनी का एजेंट दयाराम काका की पुरानी बीजों की हाँडियों के लिए पाँच लाख रुपये लेकर आया — पर काका ने इनकार कर दिया। दयाराम काका के पास पीढ़ियों से सँभाले बीज थे — गेहूँ, ज्वार, बाजरा, चना, सरसों। जब कंपनी ने बीजों की आपूर्ति रोक दी और बुवाई का समय सिर पर आ गया, तब काका ने अपनी हाँडियाँ खोल दीं और पूरे गाँव को बीज बाँट दिए। यह कहानी है जड़ों की, भरोसे की और बाँटने की — जो चीज़ बाँटी जाती है, वही बढ़ती है। अध्याय: 00:00 — हुक — कंपनी का पाँच लाख का प्रस्ताव 00:55 — दयाराम काका और बीजों की हाँडियाँ 01:53 — जानकी देवी की देखभाल 02:49 — बेटा मोहन का शहर का दबाव 03:44 — एजेंट विक्रम का दूसरा प्रस्ताव 04:37 — संकट — बीज की दुकानें खाली 05:24 — चौपाल पर बीज बाँटने की घोषणा 06:21 — मिट्टी के हिसाब से वितरण 07:12 — बुवाई का उत्साह 08:05 — विक्रम की माफ़ी 08:59 — सुनहरी फसल और बीज बैंक 09:54 — फसल उत्सव में सम्मान 10:45 — सीख — जड़ें, लालच और बाँटना 11:40 — आपसे सवाल आपकी ज़िंदगी में वह कौन सी चीज़ है, जिसे आपने लालच में बेचने से इनकार किया, या जिसे बाँटकर आपको सबसे ज़्यादा खुशी मिली? कमेंट में ज़रूर बताइए। अगर यह कहानी आपके दिल को छू गई, तो NijGyan को subscribe कीजिए और बेल आइकन दबाइए। #NijGyan #HindiKahani #EmotionalStory