देवीलाल परिवार पर बयान से मचा सियासी घमासान?“विधायक जी भाषा पर काबू रखें, राजनीति पल-पल बदलती है!”
Gramin Bharat (ग्रामीण भारत)
0:00 / 0:00
देवीलाल परिवार पर बयान से मचा सियासी घमासान?“विधायक जी भाषा पर काबू रखें, राजनीति पल-पल बदलती है!”
2 979 просмотров · 15 часов назад
Gramin Bharat (ग्रामीण भारत)
238 тыс. подписчиков
2 979 просмотров · 15 часов назад
नारनौंद से विधायक जस्सी पेटवाड़ की हालिया राजनीतिक बयानबाजी और उनकी भाषा को लेकर ग्रामीण भारत मंच के पॉडकास्ट में एक गंभीर और बेबाक चर्चा हुई।
चर्चा में पूर्व IG एवं राजनीतिक विश्लेषक रणबीर शर्मा जी के साथ यह सवाल उठाया गया कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले जनप्रतिनिधियों की भाषा और राजनीतिक मर्यादा कैसी होनी चाहिए?
पॉडकास्ट में जस्सी पेटवाड़ के उन बयानों पर भी चर्चा हुई, जिनमें उन्होंने देवीलाल परिवार को लेकर सवाल उठाए और तीखे राजनीतिक शब्दों का इस्तेमाल किया। इसी संदर्भ में यह सवाल सामने आया कि जिस देवीलाल परिवार की राजनीतिक विरासत को हरियाणा की राजनीति में लंबे समय से महत्वपूर्ण माना जाता रहा है, उसके बारे में आज इस तरह की बयानबाजी क्यों हो रही है?
जस्सी पेटवाड़ पहले इनेलो से जुड़े रहे हैं और 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर नारनौंद से विधायक निर्वाचित हुए। उपलब्ध चुनावी हलफनामे के अनुसार वे 2024 में कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में विजयी हुए थे।
चर्चा के दौरान रणबीर शर्मा जी ने उनके राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया—राजनीति में कोई व्यक्ति हमेशा एक ही दल में रहे, इसकी क्या गारंटी है?
उनका कहना था कि राजनीति में परिस्थितियां और समीकरण समय के साथ बदलते रहते हैं, इसलिए किसी भी जनप्रतिनिधि को अपनी भाषा और सार्वजनिक बयानों को लेकर सावधान रहना चाहिए।
हाल के दिनों में जस्सी पेटवाड़ को लेकर हरियाणा विधानसभा में भी भाषा से संबंधित विवाद सामने आया। 31 अगस्त 2026 को उनके खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष के संबंध में कथित आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर विशेषाधिकार प्रस्ताव स्वीकार किया गया और मामला विशेषाधिकार समिति को भेजा गया।
इसी पृष्ठभूमि में पॉडकास्ट में यह चर्चा हुई कि—
👉 क्या जनप्रतिनिधियों को सार्वजनिक बयान देते समय भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए?
👉 देवीलाल परिवार को लेकर जस्सी पेटवाड़ की बयानबाजी पर सवाल क्यों उठ रहे हैं?
👉 इनेलो से कांग्रेस तक के राजनीतिक सफर को किस नजर से देखा जाना चाहिए?
👉 क्या राजनीति में दल और परिस्थितियां बदलती रहती हैं?
👉 क्या विधायक को अपनी भाषा और बयानों पर ज्यादा संयम रखना चाहिए?
👉 और क्या तीखी राजनीतिक बयानबाजी भविष्य की राजनीति को प्रभावित कर सकती है?
रणबीर शर्मा जी ने चर्चा में यह भी कहा कि राजनीति पल-पल बदलती है और किसी भी नेता के राजनीतिक सफर के बारे में भविष्य को लेकर निश्चित दावा नहीं किया जा सकता।
यह पूरा पॉडकास्ट इसी विषय पर राजनीतिक, सामाजिक और लोकतांत्रिक दृष्टिकोण से चर्चा करता है।
देखिए ग्रामीण भारत मंच का पूरा पॉडकास्ट और जानिए जस्सी पेटवाड़ की बयानबाजी पर रणबीर शर्मा जी ने क्या विश्लेषण किया।
नोट: इस वीडियो में व्यक्त राजनीतिक टिप्पणियां और भविष्य संबंधी आकलन संबंधित वक्ता के विचार/विश्लेषण हैं। किसी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों या राजनीतिक दावों की ग्रामीण भारत स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता।