रावण ने श्रीराम को क्यों दिया “विजयी भव” का आशीर्वाद? | रामेश्वरम् का रहस्य
SANATAN Gathayen
0:00 / 0:00
रावण ने श्रीराम को क्यों दिया “विजयी भव” का आशीर्वाद? | रामेश्वरम् का रहस्य
161 просмотр · 7 дней назад
SANATAN Gathayen
215 подписчиков
161 просмотр · 7 дней назад
क्या आप जानते हैं कि एक प्रचलित रामकथा परंपरा में रावण ने स्वयं श्रीराम के लिए आचार्य की भूमिका निभाई थी?
लंका युद्ध से पहले श्रीराम ने रामेश्वरम् में महादेव की विधिपूर्वक आराधना का संकल्प लिया। लेकिन प्रश्न था—इस महान अनुष्ठान का आचार्य कौन बनेगा?
जामवंत के सुझाव पर निमंत्रण पहुँचा लंकापति रावण के पास—वही रावण जो श्रीराम का शत्रु था, लेकिन वेदों का प्रकांड ज्ञाता और महादेव का परम भक्त भी माना जाता था।
रावण ने आचार्य बनना स्वीकार किया। अनुष्ठान की पूर्णता के लिए माता सीता को भी रामेश्वरम् लाया गया।
फिर आया वह अद्भुत क्षण…
श्रीराम यजमान थे।
रावण आचार्य था।
और साक्षी थे स्वयं महादेव।
अनुष्ठान पूर्ण होने पर रावण ने अपने ही प्रतिद्वंद्वी श्रीराम को आशीर्वाद दिया—
“विजयी भव।”
आखिर रावण ने उस व्यक्ति को विजय का आशीर्वाद क्यों दिया, जिसके साथ उसका महायुद्ध होने वाला था?
देखिए — “रामेश्वरम् का रहस्य”
🙏 हर हर महादेव
🙏 जय श्रीराम
नोट: यह वीडियो रामेश्वरम् से जुड़ी एक प्रचलित रामकथा परंपरा का cinematic प्रस्तुतीकरण है। रावण के श्रीराम का आचार्य बनने वाला यह पूरा प्रसंग वाल्मीकि रामायण का प्रत्यक्ष प्रसंग नहीं माना जाना चाहिए।
#Rameshwaram #ShriRam #Ravan #Mahadev #Ramayan #Sita #JaiShriRam #HarHarMahadev #SanatanDharma #Mythology #AmarGathayen