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UCC समान नागरिक संहिता से आदिवासी समाज को पृथक रखे जाय | आदिवासी अधिकार एवं संवैधानिक संरक्षण |

NSM Gondwana Music

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UCC समान नागरिक संहिता से आदिवासी समाज को पृथक रखे जाय | आदिवासी अधिकार एवं संवैधानिक संरक्षण |

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NSM Gondwana Music
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UCC समान नागरिक संहिता से आदिवासी समाज को पृथक रखे जाय। यह गीत आदिवासी समाज की विशिष्ट संस्कृति, रूढ़ि-परंपरा, सामाजिक व्यवस्था और संवैधानिक अधिकारों की आवाज़ को प्रस्तुत करता है। अनुसूचित जनजाति समुदाय के लिए संविधान में किए गए विशेष प्रावधानों, अनुसूचित क्षेत्रों, PESA कानून 1996, आदिवासी स्वशासन, जल-जंगल-जमीन और पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था के महत्व को गीत के माध्यम से सामने रखा गया है। आदिवासी समाज में विवाह, सामाजिक विवाद, पारंपरिक रीति-रिवाज और सामुदायिक विषयों का समाधान लंबे समय से क्षेत्रीय सामाजिक व्यवस्था एवं पारंपरिक संस्थाओं के माध्यम से होता आया है। इसी विशिष्ट सामाजिक एवं सांस्कृतिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इस गीत में UCC से आदिवासी समाज को पृथक रखने की मांग को अभिव्यक्त किया गया है। यह गीत किसी व्यक्ति या समुदाय के विरुद्ध नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की संस्कृति, पहचान और संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण की आवाज़ के रूप में प्रस्तुत किया गया है। जय आदिवासी समाज 🚩 जय जल, जंगल, जमीन 🌿 जय संविधान 🇮🇳