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पपलाज माता भजन | Paplaj Mata Bhajan 2026 | Rajasthani Kuldevi Song | पपड़ाज soulful Bhajan #navratri

KulDevi Bhakti Ras

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पपलाज माता भजन | Paplaj Mata Bhajan 2026 | Rajasthani Kuldevi Song | पपड़ाज soulful Bhajan #navratri

6 617 просмотров · 5 месяцев назад
KulDevi Bhakti Ras
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🙏 जय पपलाज माता 🙏 इस भावपूर्ण राजस्थानी भजन में पपलाज माता जी की महिमा, चमत्कार और भक्तों पर उनकी असीम कृपा का वर्णन किया गया है। यह भजन jagran, kuldevi bhakti और सच्चे भक्तों के लिए समर्पित है। ✨ इस भजन की विशेषताएं: ✔ रेतिलै धोरां और राजस्थानी लोकभाव का सुंदर चित्रण ✔ मन्नत पूरी करने वाली माता की महिमा ✔ सूखी किस्मत को भी संवार देने वाली कृपा ✔ जगरण और भक्ति का अद्भुत संगम 🎶 अगर आप भी माता के भक्त हैं: 👉 वीडियो को Like करें 👍 👉 Channel को Subscribe करें 🔔 👉 Comment में लिखें: "जय पापलाज माता" 🙏 ---------------------------------------- 🎧 Song Credits: Singer:AI Lyrics: Kuldevi Bhakti Ras Music: Rajasthani Folk Devotional Channel: Kuldevi Bhakti Ras ---------------------------------------- paplaj mata bhajan, पपलाज माता भजन, kuldevi bhajan, rajasthani bhajan, jagran bhajan, mata bhajan, devi bhajan, bhakti song, rajasthan bhajan, kuldevi song ---------------------------------------- 🙏 जय जय जय पपलाज भवानी 🙏 Lyrics: --------------- ओ ओ म्हारी पपड़ाज मईया… थारो नाम रो आसरो, थारो नाम आधार… जय जय पपड़ाज भवानी… 🙏 रेतिलै धोरां री राणी, पपड़ाज भवानी… थारो तेज झलकै जैसे सूरज री लाली… ॥ लू रा थपेड़ा भी थांम जावे, जद माई थारी छाया आवे। बिरखा सूं भी सूखो मन, थारी किरपा सूं हरियालो हो जावे ॥ ओ पपड़ाज मईया, थारी महिमा गूंजे रे… कण-कण मां थारो वास, जग सगळो पूजे रे… ॥ कांकर-कांटा री डगर कठोर, भक्तां चालै ले विश्वास घणो जोर। नंगे पग धरती तपती चालै, माय नाम सूं थकावट भागे चोर ॥ थारी झांकी जद आंख्यां आवे, अंतर रो अंधेरो दूर भगावे। जाको तू इक बार बुलावे, भाग्य रो लेखो खुद लिख जावे ॥ ओ पपड़ाज मईया, थारी महिमा गूंजे रे… कण-कण मां थारो वास, जग सगळो पूजे रे… ॥ नगाड़ा गूंजे, रणकार उठे, डूंगर डूंगर जयकार फूटे। जगराता री रात जगमग, माय नाम सूं धड़कन छूटे ॥ घी री ज्योत अखंड जळे, धूप-दीप सूं आंगण महके। भक्तां री कतारां लागे, माथे लिख्यो भाग्य चमके ॥ ओ पपड़ाज मईया, थारी महिमा गूंजे रे… कण-कण मां थारो वास, जग सगळो पूजे रे… ॥ मन्नत थारी झोली भर दे, सूनी गोद हंसती कर दे। रोतो घर भी रैण भर में, माय खुशियां सूं झर-झर भर दे ॥ डूबता नै पार लगावे, मुरझायो जीवन फुलवारी कर दे थारी किरपा री एक झलक, माटी ने भी सोनो कर दे ॥ ओ पपड़ाज मईया, थारी महिमा गूंजे रे… कण-कण मां थारो वास, जग सगळो पूजे रे… ॥ आवो रे मिलकर बोलो आज, गूंजे धरती, गूंजे आकाश। "जय पपड़ाज माता" गूंजे, थारो नाम अमर सुवास ॥ जय जय जय पपड़ाज मईया… जय जय जय माँ भवानी… 🙏