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#294 How to perform Hawan / Yagya at your home ? by Aaryam

AARYAM

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#294 How to perform Hawan / Yagya at your home ? by Aaryam

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अपने घर पर हवन / यज्ञ खुद कैसे करें ? आर्यम www.aaryam.org aaaryam@outlook.com *आर्यम आर्यम* -प्रोफ़ेसर पुष्पेंद्र कुमार आर्य ही वर्तमान के लब्ध प्रतिष्ठित आध्यात्मिक गुरु 'आर्यम ' के रूप में विख्यात हैं। आप भारतीय दर्शन और आध्यात्मिक क्षेत्र में अपने विशिष्ट व्याख्यानों के लिए जाने जाते हैं। आपकी देशनाओं और शिक्षाओं से दुनिया भर में हज़ारों लोगों का आत्म रूपांतरण हो रहा है। भारतीय प्राच्य विद्याओं और वैदिक संस्कारों के लिए आपके द्वारा किये जा रहे प्रयासों से धर्म का जगत अभिभूत हो रहा है। देश और दुनिया में आपके द्वारा लिखित आठ हज़ार से भी अधिक लेख और लगभग 85 ग्रन्थ -पुस्तकें आज उपलब्ध हैं। आपके हज़ारों प्रवचन और सन्देश लोगों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव ला रहे हैं। आप 'श्री एथनिक इंडिया' मॉरिशस एवं 'आर्यम इंटरनेशनल फाउंडेशन' भारत के संस्थापक प्रमुख हैं। देवभूमि उत्तराखंड के मसूरी संभाग में अवस्थित 'भगवान शंकर आश्रय' के आप कुलप्रमुख और 'श्री शक्ति संधान पीठ' के मुख्य अधिष्ठाता हैं।अपने व्याख्यानों और उद्बोधन के लिए भारत के अलावा ,आप दुनिया के अनेक विश्विविद्यालयों से सम्बद्ध रहे हैं।आपने सांस्कृतिक राजदूत के रूप में अनेक देशों में भारत और भारतीयता की अलख जगाई है। आध्यात्मिक संसार में पूर्ण समर्पण से पूर्व आप एक सर्वोच्च व्यवसायिक और सक्रिय हस्ताक्षर के रूप में जाने जाते रहे हैं।आप 'प्रेस कौंसिल ऑफ़ इंडिया' के लिए दो बार पर्यवेक्षक रहे हैं।भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति श्री मुकेश अम्बानी के तीन वर्ष तक सलाहकार रहे हैं। आप भारत सरकार के संचार मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय में भी सलाहकार रहे हैं।आप अमेरिका की संस्था 'पीपुल्स सर्विसेज इंटरनेशनल' में भी भारत के लिए सलाहकार रहे हैं। आप मॉरिशस गणराज्य के लिए भी तीन वर्ष तक डायरेक्टर ऑफ़ कम्युनिकेशन के पद पर कार्यरत रहे हैं। आपने प्रसार भारती और निजी क्षेत्र के टी वी चैनल्स के लिए प्रस्तोता के रूप में लगातार अपनी सेवाएं दी हैं। आपने कैलास मानसरोवर ,मणिमहेश,एकादश ज्योतिर्लिंगम , चारों धाम ,सातों पुरी, और हिन्दू धर्म के प्रायः समस्त प्रमुख शक्ति केंद्रों और पुण्य तीर्थों की यात्राएं की हैं। धर्माधिकारी के रूप में वेटिकन सिटी स्थित ईसाईयों के प्रमुख धर्म स्थल की यात्रा करने वाले आप पहले धर्माचार्य हैं। भगवान बुद्ध के जन्म से लेकर महापरिनिर्वाण तक जहाँ जहाँ भी वे गए आपने स्वयं उन सभी स्थानों की दीर्घ यात्राएं की हैं। यहीं नहीं अपने उद्बोधनों हेतु हिन्दुत्त्व की प्राण प्रतिष्ठा के निहितार्थ आपने लन्दन ,पेरिस ,स्विट्ज़रलैंड,जर्मनी ,नीदरलैंड ,बेल्जियम ,ऑस्ट्रिया ,हॉलैंड ,इटली ,रोम ,वेटिकन सिटी ,साउथ अफ्रीका ,मॉरिशस, चीन ,मेडागास्कर ,नेपाल ,भूटान ,तिब्बत ,इंडोनेशिया ,मलेशिया ,थाईलैंड आदि लगभग 65 देशों की यात्राएं की हैं। आपको आपके विशिष्ट योगदान हेतु 2020 तक लगभग 62 अवार्ड पुरस्कारों से विभूषित किया जा चुका है। जिनमें सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का विशिष्ट सम्मान, दिल्ली सरकार द्वारा 'हिंदी अकादमी सम्मान, जर्मनी का 'प्रतिनिधि सम्मान' , रोटरी इंटरनेशनल कनाडा द्वारा 'इंटरनेशनल वोकेशनल अवार्ड, सल्तनत ऑफ़ ओमान का 'निशान -ए -मस्कट', अमेरिकन बायोग्राफिकल इंस्टिट्यूट केरोलिना अमेरिका का 'मैन ऑफ़ द ईयर -2003,ओरियंटल कल्चरल अकादमी -थाईलैंड का -'इंस्टिट्यूट अवार्ड' ,साउथ अफ्रीका सरकार द्वारा 'हिंदी सम्मान',लंदन का 'वर्ल्ड विस्डम अवार्ड, इंडोनेशिया का 'सृजन भारती सम्मान, मॉरिशस सरकार का 'हिंदी विद्वान सम्मान', तथा विश्व विद्यालय अनुदान आयोग भारत सरकार का 'अकादमी अवार्ड' प्रमुख हैं। (मीडिया ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया ) के वर्ष पत्र 2020 से साभार !