जाग हनुमान | Jaag Hanuman | Sundarkand Rap Ep 1 | Hanuman Rap Song 2026
AmayBhakti
0:00 / 0:00
जाग हनुमान | Jaag Hanuman | Sundarkand Rap Ep 1 | Hanuman Rap Song 2026
153 просмотра · 2 дн. назад
AmayBhakti
4 подписчика
153 просмотра · 2 дн. назад
जामवंत जी हनुमान जी को उनकी भूली हुई शक्ति याद दिलाते हैं: "राम काज लगि तव अवतारा।" 🙏
Sundarkand Rap, Episode 1: the moment Hanuman remembers who he is.
🎧 Use headphones · Hindi + English subtitles: turn on CC
⏱ Chapters
0:00 Intro: कहइ रीछपति सुनु हनुमाना
0:22 सौ जोजन का सागर (The ocean no one can cross)
1:09 का चुप साधि रहेहु बलवाना (Jambavan speaks)
1:24 कवन सो काज कठिन जग माहीं (Chorus)
1:37 जाग हनुमान (Hook)
1:55 अंजनी का लाल (Remember who you are)
2:37 मत पूछ कि कैसे होगा (The build)
2:44 सुनतहिं भयउ पर्बताकारा (The awakening)
2:57 अब जागा हूँ (Hanuman's vow)
3:28 जामवंत मैं पूँछउँ तोही (Counsel)
3:59 कवन सो काज (Final chorus)
4:13 जाग हनुमान (Hook)
4:20 राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहाँ बिश्राम (Outro)
📜 Lyrics | जाग हनुमान
कहइ रीछपति सुनु हनुमाना। का चुप साधि रहेहु बलवाना॥
सौ जोजन का सागर गरजे, हर लहर में तूफ़ान
उस पार सिया माँ बंदी, इस पार खड़ी सेना हैरान
अंगद बोले, जा तो सकता, लौटूँ इसका भरोसा नहीं
जामवंत बोले, बूढ़ा हूँ, अब वो बल, वो जोश नहीं
हर योद्धा ने नापा खुद को, हर किसी ने हद गिनाई
पर एक कोने में चुप बैठा, जिसकी कोई हद ना पाई
ना शोर, ना दावा, ना गर्जन, बस होंठों पे राम का नाम
जिसने बचपन में सूरज निगला, आज बैठा था गुमनाम
बचपन की एक भूल पे ऋषियों ने दिया था श्राप
जब तक कोई याद ना दिलाए, भूले रहोगे अपना प्रताप
पर्वत-सा तन, मौन-सा मन, आँखों में बस रघुवीर
सागर किनारे बैठा था दुनिया का सबसे बड़ा वीर
तभी उठा वो बूढ़ा रीछ, आवाज़ में सदियों का ज्ञान
कंधे पे रखा हाथ, और बोला, सुन ले हनुमान!
का चुप साधि रहेहु बलवाना? पवन तनय बल पवन समाना
बुधि बिबेक बिग्यान निधाना
कवन सो काज कठिन जग माहीं, जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं
राम काज लगि तव अवतारा, जाग हनुमान!
याद कर तू अंजनी का लाल, केसरी का अभिमान
पवन पिता की साँसें तुझमें, तू आँधी की पहचान
याद कर जब इंद्र का वज्र तेरी ठोड़ी से टकराया
रूठ गई थी हवा जगत से, हर प्राणी घबराया
फिर देवों ने झुक कर तुझको वरदानों से सजाया
ब्रह्मा, इंद्र, वरुण, यम, सबने अपना वर लुटाया
तू रुद्र का ग्यारहवाँ रूप, तू शिव का अंश महान
तेरे आगे सागर क्या है? एक छलांग का इम्तिहान
तू भूल गया है खुद को, पर ये धरती भूली नहीं
तेरी शक्ति सोई है बस, तेरी शक्ति मरी नहीं
उठ, कि रघुवर राह तकें, उठ, कि सिया की आस है तू
उठ, कि सौ जोजन भी छोटा, जब राम के पास है तू
मत पूछ कि कैसे होगा, मत गिन कितना है विस्तार
तेरा जनम हुआ इसी पल को, राम काज लगि अवतार!
सुनतहिं भयउ पर्बताकारा!
कनक बरन तन तेज बिराजा, मानहुँ अपर गिरिन्ह कर राजा
सिंहनाद करि बारहिं बारा, लीलहिं नाघउँ जलनिधि खारा
अब जागा हूँ तो सुन ले सागर, अपनी लहरें थाम ले
मेरे रस्ते मत आना, बस चुपचाप राम नाम ले
एक छलांग में नापूँ अंबर, एक कदम में पार करूँ
जो सिया को कैद में रखे, उस लंका को ललकार करूँ
सोने की लंका हो चाहे, मेरे आगे राख है वो
दस सिर वाला रावण भी, राम के आगे ख़ाक है वो
सहित सहाय रावनहि मारी, आनउँ इहाँ त्रिकूट उपारी
कहो तो पूरा त्रिकूट उखाड़ूँ, लंका ला दूँ इसी किनारे
कहो तो दस के दस सिर, झुका दूँ प्रभु के द्वारे
जामवंत मैं पूँछउँ तोही, उचित सिखावनु दीजहु मोही
ताक़त मेरी, राह तुम्हारी, विवेक बिना बल अधूरा
जो हुकुम हो, वही करूँगा, तभी होगा काज ये पूरा
एतना करहु तात तुम्ह जाई, सीतहि देखि कहहु सुधि आई
बस इतना? तो सुन लो सब, सिया की लाऊँगा ख़बर
बाक़ी रण तो राम लड़ेंगे, मैं बनूँगा उनकी नज़र
कवन सो काज कठिन जग माहीं, जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं
राम काज लगि तव अवतारा, जाग हनुमान!
राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहाँ बिश्राम…
जय सियाराम, जय हनुमान 🙏
▶ Next episode: Kahan Bishram (Episode 2)
🔔 Subscribe to AmayBhakti for a new Sundarkand episode
Credits
Chaupais and doha: Goswami Tulsidas, Shri Ramcharitmanas (Kishkindha Kand and the opening doha of Sundarkand)
Lyrics, Music and production: AmayBhakti
Visuals by Visual Studio.
#JaagHanuman #HanumanRap #Sundarkand