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घोड़े पर बैठकर सिंध से ईरान पहुंच गई हमीदा बेगम! 22nd Episode

Dr. Mohan Lal Gupta

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घोड़े पर बैठकर सिंध से ईरान पहुंच गई हमीदा बेगम! 22nd Episode

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Dr. Mohan Lal Gupta
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मुगल बेगमों की दर्द भरी दास्तान: 22वां एपीसोड हमीदा बानो बेगम मुगल इतिहास की सबसे सम्मानित महिलाओं में गिनी जाती हैं। उनका जन्म लगभग 1527 ई. में एक प्रतिष्ठित फ़ारसी सूफ़ी परिवार में हुआ था। बाद में उनके पुत्र Akbar ने उन्हें मरियम मकानी की उपाधि प्रदान की। 1541 ई. में, जब पराजित Humayun सिंध में निर्वासन का जीवन बिता रहा था, तब उसकी भेंट 14 वर्षीय हमीदा बानो से हुई। प्रारंभ में उन्होंने विवाह का प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया, किंतु दिलदार बेगम के समझाने पर अंततः दोनों का विवाह संपन्न हुआ। विवाह के बाद हमीदा बानो ने हुमायूँ के साथ रेगिस्तानों, युद्धों और पलायन से भरा अत्यंत कठिन जीवन जिया। गर्भावस्था के दौरान भी उन्होंने थार और सिंध के रेगिस्तान ऊँटों और घोड़ों पर पार किए। 22 अगस्त 1542 को वे अमरकोट पहुँचीं और 15 अक्टूबर 1542 को वहीं अकबर का जन्म हुआ। शीघ्र ही अस्करी मिर्जा के हमले के कारण हुमायूँ को फिर भागना पड़ा और शिशु अकबर कुछ समय के लिए उससे बिछड़ गया। हुमायूँ और हमीदा बानो अंततः ईरान पहुँचे, जहाँ शाह तहमास्प ने उनका सम्मानपूर्वक स्वागत किया। वर्षों के संघर्ष के बाद 1555 में हुमायूँ ने दिल्ली पुनः प्राप्त की, किंतु 1556 में उसका निधन हो गया। हमीदा बानो ने लंबा जीवन जिया, फ़ारसी साहित्य और सूफ़ी परंपरा की संरक्षक रहीं तथा 1604 ई. में दिल्ली में उनका निधन हुआ। उनका जीवन साहस, धैर्य और त्याग का अद्वितीय उदाहरण है। मुगल बेगमों की दर्द भरी दास्तान की अन्य कड़ियाँ देखें- एपीसोड - 1 : मुगलिया वैभव के बीच खून के आंसू रोती थीं मुगल बेगमें !    • मुगलिया वैभव के बीच खून के आंसू रोती थीं म...   एपीसोड - 2 : बाबर की गुप्त शक्ति थी ऐसान दौलत बेगम!    • बाबर की गुप्त शक्ति थी ऐसान दौलत बेगम! एपी...   एपीसोड - 3 : ऐसान दौलत बेगम ने ख्वाजा कलां की हत्या कर दी!    • ऐसान दौलत बेगम ने ख्वाजा कलां की हत्या कर ...   एपीसोड - 4 : ऐसान दौलत बेगम के कहने से बाबर समरंकद पर चढ़ बैठा!    • Видео   एपीसोड - 5 : बाबर को एक पल के लिए अकेला नहीं छोड़ती थी कुतलुग निगार खानम बेगम!    • बाबर को अकेला नहीं छोड़ती थी कुतलुग निगार ख...   एपीसोड - 6 : बाबर की ताकत का चौथा स्तम्भ थी फख्र-उन-निशा बेगम!    • बाबर की ताकत का चौथा स्तम्भ थी फख्र-उन-निश...   एपीसोड - 7: बाबर ने खानजादः बेगम उज्बेकों को सौंपकर अपनी जान बचाई!    • बाबर ने खानजादः बेगम उज्बेकों को सौंपकर अप...   एपीसोड - 8: कामरान मिर्जा ने खानजादः बेगम को बंदी बना लिया!    • कामरान मिर्जा ने खानजादः बेगम को बंदी बना ...   एपीसोड - 9: अचानक मर गई खानजादः बेगम!    • अचानक मर गई खानजादः बेगम! 9th Episode   एपीसोड - 10: बाबर की तीन बहिनों को उज्बेकों ने पकड़ लिया!    • बाबर की तीन बहिनों को उज्बेकों ने पकड़ लिया...   एपीसोड - 11: 97 मुगल बेगमें काबुल से भारत आ गईं!    • 97 मुगल बेगमें काबुल से भारत आ गईं! Episod...   एपीसोड - 12: मुगल बेगमों की वैशाखियों पर खड़ा था बाबर का जीवन!    • मुगल बेगमों की वैशाखियों पर खड़ा था बाबर का...   एपीसोड - 13: शाही दरबार में बाबर के साथ बैठती थी माहम बेगम!    • शाही दरबार में बाबर के साथ बैठती थी माहम ब...   एपीसोड - 14: मौसियों ने रक्षा की किंतु चाचियों ने बाबर का जीना हराम कर दिया!    • मौसियों ने रक्षा की किंतु चाचियों ने बाबर ...   एपीसोड - 15: गुलरुख बेगम के बेटों ने हुमायूँ को बर्बाद कर दिया!    • गुलरुख बेगम के बेटों ने हुमायूँ को बर्बाद ...   एपीसोड - 16: युद्ध शिविरों में बचपन बीता था गुलरुख बेगम का!    • युद्ध शिविरों में बचपन बीता था गुलरुख बेगम...   एपीसोड - 17: गुलचहर बेगम का दूसरा पति निकाह होते ही भाग खड़ा हुआ!    • गुलचहर बेगम का दूसरा पति निकाह होते ही भाग...   एपीसोड - 18: प्रत्येक सुंदर लड़की हुमायूँ की सेवा में लाई गई!    • प्रत्येक सुंदर लड़की हुमायूँ की सेवा में ला...   एपीसोड - 19: हुमायूँ ने बेगा बेगम से कहा मैं अफीमची हूँ, मुझे माफ कर दो!    • हुमायूँ ने बेगा बेगम से कहा मैं अफीमची हूँ...   एपीसोड - 20: हुमायूँ की बेगमों को शेरशाह सूरी ने पकड़ लिया!    • हुमायूँ की बेगमों को शेरशाह सूरी ने पकड़ लि...   एपीसोड - 21: अफगानिस्तान के पहाड़ों में विलीन हो गईं मुगल बेगमें!    • अफगानिस्तान के पहाड़ों में विलीन हो गईं मुग...   एपीसोड - 22: घोड़े पर बैठकर सिंध से ईरान पहुंच गई हमीदा बेगम!    • घोड़े पर बैठकर सिंध से ईरान पहुंच गई हमीदा ...