Divine Murli | Date - 17-09-2026
Divine Murli
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17-09-2026 प्रात:मुरली ओम् शान्ति "बापदादा"' मधुबन
मुरली सार:- “ मीठे बच्चे - अभी इस दुनिया का होपलेस केस है, सभी मर जायेंगे इसलिए इससे ममत्व मिटाओ, मामेकम् याद करो'' ”
प्रश्न:- सर्विस की उछल न आने का कारण क्या है?
उत्तर:- 1- अगर लक्षण ठीक नहीं हैं, बाप को याद नहीं करते तो सर्विस की उछल आ नहीं सकती। कोई न कोई उल्टे कर्म होते रहते हैं इसलिए सर्विस नहीं कर सकते। 2- बाप का जो पहला डायरेक्शन है - आप मुये मर गई दुनिया इसे अमल में नहीं लाते। बुद्धि देह और देह के सम्बन्धों में फँसी हुई है तो सर्विस कर नहीं सकते।
गीत:- ओम् नमो शिवाए:...
वरदान:- देह के भान को अर्पण कर समर्पण होने वाले योगयुक्त, बंधनमुक्त भव जो देह-अभिमान को अर्पण करता है उनका हर कर्म दर्पण बन जाता है। जैसे कोई चीज़ अर्पण की जाती है तो वह अर्पण की हुई चीज़ अपनी नहीं समझी जाती है। तो देह के भान को भी अर्पण करने से जब अपनापन मिट जाता है तो लगाव भी मिट जाता है। उन्हें ही सम्पूर्ण समर्पण कहा जाता है। ऐसे समर्पण होने वाले सदा योगयुक्त और बन्धनमुक्त होते हैं। उनका हर संकल्प, हर कर्म युक्तियुक्त होता है।
स्लोगन:- सर्वशक्तिमान् को साथी बना लो तो सफलता आपके चरणों में आ जायेगी।
Om Shanti