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कितने पाकिस्तान (भाग 1 से 3) | Kitne Pakistan | कमलेश्वर | Kameleshwar | ‪@KathaKahaniAurUpanyas‬

Katha Kahani aur Upanyas

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कितने पाकिस्तान (भाग 1 से 3) | Kitne Pakistan | कमलेश्वर | Kameleshwar | ‪@KathaKahaniAurUpanyas‬

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Katha Kahani aur Upanyas
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विभाजन और हिंसा के बीच पिस रहा मनुष्य सबकी नज़रों में होता है पर उसपर किसी का ध्यान नहीं जाता है या ऐसा कहें कि कोई ध्यान देना नहीं चाहता। विभाजन शब्द से यहाँ सिर्फ किसी भूमि के टुकड़े का विभाजन ना समझा जाए। जब हम अपने आस पास देखते हैं तो हमें अनेक प्रकार के विभाजन दिखाई देते हैं। ये विभाजन सामाजिक, आर्थिक, भाषिक एवं धार्मिक आदि भी हो सकते हैं। इन सभी विभाजनों के केंद्र में मनुष्य होता है। कमलेश्वर अपने बहुचर्चित उपन्यास ‘कितने पाकिस्तान’ में विभाजन से जूझ रहे समाज में मरणासन्न मनुष्यता के एक लंबे इतिहास को दिखाते हैं। यह उपन्यास कमलेश्वर मई 1990 में लिखना शुरू करते हैँ और इसका पहला संस्करण 2000 में आता है। तबसे अबतक इसके बीस संस्करण आ चुके हैं।