चित्तौड़गढ़ किले में स्तिथ भगवान श्री कृष्ण जी की परम भक्त मीरा बाई का खूबसूरत मंदिर | 4K | दर्शन 🙏
Tilak
0:00 / 0:00
चित्तौड़गढ़ किले में स्तिथ भगवान श्री कृष्ण जी की परम भक्त मीरा बाई का खूबसूरत मंदिर | 4K | दर्शन 🙏
14 575 просмотров · 3 года назад
Tilak
40,6 млн подписчиков
14 575 просмотров · 3 года назад
Credits:
संगीत एवम रिकॉर्डिंग - सूर्य राजकमल
लेखक - रमन द्विवेदी
भक्तों नमस्कार! प्रणाम! सादर नमन और अभिनन्दन..भक्तों आज हम आपको अपने यात्रा कार्यक्रम “दर्शन” के माध्यम से एक ऐसे अद्भुत तीर्थस्थल का दर्शन करने जा रहे हैं जिसकी सभी दीवारें और सभी कोनें भगवान कृष्ण के भक्ति पदों से भरे हैं। ये मंदिर उस परम भक्तिमती को समर्पित है जिसने अपनी श्रीकृष्ण भक्ति से समूचे विश्व को न केवल श्रीकृष्ण के रंग में रंग दिया बल्कि भावपूर्ण भक्तिगीतों से पत्थरों को भी रुला दिया। जो हमेशा यही कहती रही “मैं तो मोहन के रंग राची”। भक्तों हम बात कर रहे हैं भगवान श्रीकृष्ण की परम भक्त मीराबाई की और चित्तौड़गढ़ स्थित मीराबाई मंदिर की..
मंदिर के बारे में:
भक्तों मीरा मंदिर चित्तौड़गढ़ किले के परिसर में स्थित भगवान श्रीकृष्ण की परमभक्त मीराबाई को समर्पित है। इस मंदिर में भगवान कृष्ण को समर्पित मीराबाई द्वारा कई भजन और कविताएं लिखी हैं। जिन्हे पढ़कर भक्तगण भवविभोर हो जाते हैं, दर्शनार्थी भक्ति के रंग में सराबोर हो जाते हैं। मीरा बाई मंदिर चित्तौड़गढ़ का एक धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहर तो है ही ये देश और दुनिया का महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल भी है।
मीराबाई का परिचय:
भक्तों मीराबाई का जन्म विक्रम संवत 1498 में राजस्थान के राठौर परिवार में हुआ था। मीराबाई बचपन में भगवान कृष्ण के प्रति आकर्षित हुई और बढ़ती उम्र के साथ भगवान कृष्ण के प्रति उनका आकर्षण बढ़ता है। और वो भगवान कृष्ण को ही अपना पति मानने लगी थीं। बड़ी होने पर उनके माता-पिता ने, उनकी इच्छा के विरुद्ध, उनका विवाह मेवाड़ के राजकुमार, भोज राज से करवा दिया। लेकिन मीरा पर चढ़ा श्रीकृष्ण भक्ति का रंग नहीं उतरा। इससे चिढ़कर उनके ससुराल वालों ने विष पिलाकर मारने की कोशिश की। लेकिन मीरा को कुछ नहीं हुआ। एक बार उनके ससुराल वालों ने फूलों की एक टोकरी में एक विषेला सर्प रखकर मीरा बाई के पास भेजा, लेकिन भगवान कृष्ण ने सांप को अपनी मूर्ति के रूप में बदल दिया। इसके बाद मीरा बाई ने सब सुख-वैभव व राजमहल त्याग कर भगवान कृष्ण की भक्ति में लग गईं। और विश्व भर में कवयित्री और संत के रूप में जानी जाने लगीं।
मंदिर का इतिहास:
भक्तों मीराबाई मंदिर का निर्माण राणा कुंभा के शासनकाल के दौरान हुआ था। कहा जाता है कि मीराबाई की श्रीकृष्ण भक्ति से प्रभावित होकर महाराणा कुंभा ने भगवान श्री कृष्ण को समर्पित इस मंदिर का निर्माण करवाया ताकि मीराबाई निर्बाध रूप से अपने आराध्य भगवान् कृष्ण की भक्ति कर सकें और बाद में इस कृष्ण मंदिर को मीराबाई मंदिर के नाम से जाना जाने लगा।
मंदिर की वास्तुकला:
भक्तों विशुद्ध वैदिक शैली में निर्मित मीराबाई का यह मंदिर न केवल भारत का सांस्कृतिक विरासत है अपितु भारत की कलाकृति का बेजोड़ नमूना भी है। मंदिर के प्रवेशद्वार पर, एक सिर के साथ पांच निकायों की शानदार नक्काशी है जो जाति ,धर्म सत्य, एकता और परस्पर प्रेम का प्रतीक है।
मंदिर का गर्भगृह:
भक्तों मंदिर के केंद्र में भगवान कृष्ण की एक अत्यंत सुंदर और दिव्य मूर्ति विराजमान है। भगवान श्रीकृष्ण के सम्मुख गायन मुद्रा में वीणाधारी मीराबाई की मूर्ति प्रतिष्ठित है। भगवान श्री कृष्ण और मीराबाई दोनों की ही मूर्तियाँ दिव्य और मनोहर हैं।
मंदिर परिसर:
भक्तों मीराबाई मंदिर परिसर के एक छोटा क्षेत्र स्वामी रविदास को समर्पित है, जहां स्वामी जी की एक मूर्ति विराजमान है। बता दें स्वामी रविदास मीराबाई के गुरु थे। इसके अलावा मंदिर परिसर में पत्थरों से बना एक मीरा बाई स्मारक हैं। जिसमे मीराबाई और भगवान कृष्ण की कहानियों को दर्शाया गया है।
दर्शन का समय:
भक्तों मीरा बाई मंदिर पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन सुबह 9.30 बजे से शाम 6.00 बजे तक खुला रहता है। मंदिर की पूर्ण और सुखद यात्रा के लिए 1-2 घंटे का समय अवश्य दें। तभी आप इस तीर्थस्थल की यात्रा का सम्पूर्ण लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
सबसे अच्छा समय:
भक्तों यदि आप चितौड़गढ़ में मीरा बाई मंदिर घूमने जाने का प्लान बना रहे है तो हम आपको बता दे चितौड़गढ़ जाने के लिए सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च का समय होता है, क्योंकि इस समय चितौड़गढ़ का मौसम खुशनुमा रहता है, इसीलिए सर्दियों के मौसम में चितौड़गढ़ की यात्रा करना काफी अच्छा माना जाता है।
नजदीकी दर्शनीय स्थल:
भक्तों यदि आप राजस्थान के प्रमुख पर्यटक स्थल चितौड़गढ़ में मीरा बाई मंदिर घूमने जाने का प्लान बना रहे है तो चितौड़गढ़ में मीरा बाई मंदिर के अलावा चित्तौड़गढ़ दुर्ग, विजय स्तम्भ, कीर्ति स्तम्भ, महासती, गौमुख कुंड, राणा कुंभा का महल, कालिका माता मंदिर, फतेह प्रकाश पैलेस, श्यामा मंदिर, सतीश देओरी मंदिर, सांवरियाजी मंदिर, मेनाल शिव मंदिर, रतन सिंह पैलेस, भैंसरगढ़ वन्यजीव अभयारण्य, बस्सी वन्यजीव अभयारण्य और पद्मिनी पैलेस आदि दर्शनीय स्थलों की अपनी मीरा बाई मंदिर यात्रा के दौरान कर सकते हैं।
भक्त को भगवान से और जिज्ञासु को ज्ञान से जोड़ने वाला एक अनोखा अनुभव। तिलक प्रस्तुत करते हैं दिव्य भूमि भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थानों के अलौकिक दर्शन। दिव्य स्थलों की तीर्थ यात्रा और संपूर्ण भागवत दर्शन का आनंद। दर्शन ! 🙏
इस कार्यक्रम के प्रत्येक एपिसोड में हम भक्तों को भारत के प्रसिद्ध एवं प्राचीन मंदिर, धाम या देवी-देवता के दर्शन तो करायेंगे ही, साथ ही उस मंदिर की महिमा उसके इतिहास और उसकी मान्यताओं से भी सन्मुख करायेंगे। तो देखना ना भूलें ज्ञान और भक्ति का अनोखा दिव्य दर्शन। 🙏
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि तिलक किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
#devotional #hinduism # #meerabaimandir #temple #rajasthan #travel #vlogs #darshan