धान की बालियां निकलने से पहले और बाद ये 15 गलतियां मत करना | Dhan Ki Kheti | SRJ Kheti
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धान की बालियां निकलने से पहले और बाद ये 15 गलतियां मत करना | Dhan Ki Kheti | SRJ Kheti
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किसान साथियों, धान की फसल में बालियां निकलने से पहले (गभोट अवस्था) और बालियां निकलने के बाद का समय बहुत नाजुक होता है। इस समय की गई छोटी सी गलती पैदावार को काफी कम कर सकती है। SRJ Kheti के इस वीडियो में जानिए वे 15 महत्वपूर्ण बातें और सावधानियां, जो आपकी धान की बालियों को लंबा और दानों को वजनदार बनाएंगी।
🌾 धान में 15 महत्वपूर्ण सावधानियां:
यूरिया का प्रयोग बंद: बालियां निकलते समय या उसके बाद यूरिया (नाइट्रोजन) बिल्कुल न डालें, इससे पौधे गिर सकते हैं और रोग-कीट बढ़ेंगे।
पोटाश की पूर्ति: इस समय पोटाश की कमी न होने दें। घुलनशील NPK (00:00:50 या 13:00:45) का सही से स्प्रे करें।
NPK 05:52:34 का इस्तेमाल: गभोट अवस्था में (बाली निकलने से पहले) इसका स्प्रे करें। 2-4% बाली आने तक डाल सकते हैं।
बोरॉन का सही प्रयोग: बोरॉन 20% की 100 ग्राम मात्रा NPK 05:52:34 के साथ मिलाकर बाली निकलने से पहले ही दें।
जिंक का स्प्रे: बाली आने से पहले 100 ग्राम जिंक का स्प्रे करने से प्रकाश संश्लेषण और बाली का विकास अच्छा होता है।
दानेदार प्रमोटर न डालें: इस समय मिट्टी में सागरिका या बायविटा जैसी कोई भी दानेदार/पाउडर खाद न डालें, केवल स्प्रे का प्रयोग करें।
खरपतवारनाशी का इस्तेमाल न करें: इस समय खरपतवारनाशक डालने से पौधा झटके में आ जाता है और बाली का विकास रुक जाता है।
लबालब पानी न भरें: खेत में लगातार बहुत ज्यादा पानी भरकर न रखें, इससे फंगल बीमारियां ज्यादा फैलती हैं।
नमी की कमी न होने दें: खेत एकदम सूखना नहीं चाहिए। इतनी नमी हो कि पैर के निशान बनें (हल्का कीचड़)। बालियां निकलते समय 1-2 इंच पानी भर सकते हैं।
परागण में बाधा: गलत समय पर तेज दवाओं का स्प्रे परागण रोकता है, जिससे नुकसान होता है।
दाने खाली रहने के कारण: परागण न होना, बोरॉन या अन्य पोषक तत्वों की कमी से बालियों में दाने खाली रह जाते हैं।
बाली निकलने के बाद क्या डालें: 100% बाली निकलने के बाद दाना भराव के लिए NPK 00:00:50 या 13:00:45 का स्प्रे करें।
रोग एवं कीट नियंत्रण:
गंधी बग: इसके लिए मेलाथियान का इस्तेमाल करें।
गोभ की सुंडी (तना छेदक): इसके नियंत्रण के लिए कार्टाप हाइड्रोक्लोराइड का प्रयोग करें।
शीथ ब्लाइट और ब्लास्ट: इसके लिए एज़ोक्सिस्ट्रोबिन + टेबुकोनाजोल (जैसे अदामा की कस्टोडिया) का स्प्रे करें।
फूल आने पर स्प्रे न करें: सुबह से दोपहर (लगभग 3 बजे तक) परागण का समय होता है। इस समय कोई भी स्प्रे न करें। बहुत जरूरी हो तो शाम को करें।
लास्ट पानी कब दें: जब बालियों का रंग हल्का सुनहरा होने लगे और फसल पकने की तरफ बढ़े, तब पानी देना बंद कर दें।
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अस्वीकरण (Disclaimer):
इस वीडियो में दी गई सभी जानकारियां, दवाओं व खादों की मात्रा सामान्य कृषि अनुभवों पर आधारित हैं। मिट्टी, मौसम और फसल की स्थिति के अनुसार दवाओं की मात्रा में अंतर हो सकता है। किसी भी रासायनिक खाद, कीटनाशक या फफूंदनाशक का प्रयोग करने से पहले पैकेट पर लिखे निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और अपने नजदीकी कृषि विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। किसी भी प्रकार के अनुचित उपयोग या फसल नुकसान के लिए SRJ Kheti चैनल जिम्मेदार नहीं होगा।
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