Перейти к содержимому

सेठ ने किसान की पगड़ी पैरों तले रौंदी, 7 साल बाद उसकी बेटी बैंक मैनेजर बनकर लौटी | Emotional Story

SachKiKahaniya

0:00 / 0:00

सेठ ने किसान की पगड़ी पैरों तले रौंदी, 7 साल बाद उसकी बेटी बैंक मैनेजर बनकर लौटी | Emotional Story

1 847 просмотров · 11 дн. назад
SachKiKahaniya
71 подписчик
1 847 просмотров · 11 дн. назад
गाँव की चौपाल में साहूकार बलवंत ने सबके सामने एक गरीब किसान हरिराम की पगड़ी उतारकर ज़मीन पर फेंक दी और उसकी 5 एकड़ ज़मीन हड़प ली। उसी दिन उसकी बेटी राधा ने कसम खाई कि वो इसी पगड़ी को अपने हाथों से पिता के सिर पर वापस बाँधेगी। माँ-बाप ने भैंस बेची, पिता ने उसी ठाकुर के खेत में नंगे सिर मज़दूरी की, और राधा ने टिफिन सेंटर पर रोटियाँ बेलकर रातों में पढ़ाई की। 7 साल बाद वही राधा बैंक मैनेजर बनकर लौटी। जब ठाकुर बलवंत 2 करोड़ का लोन लेने उसी के केबिन में आया, तो पुरानी पगड़ी में सिली एक पर्ची ने सारा सच खोल दिया। यह कहानी हर उस बेटी के नाम है जिसने अपने बाप की इज़्ज़त के लिए रात-दिन एक कर दिए। अगर कहानी ने आपका दिल छुआ, तो वीडियो को Like करें, Share करें और चैनल SachKiKahaniya को Subscribe करना न भूलें। नोट: यह कहानी काल्पनिक है। सभी पात्र और घटनाएँ मनोरंजन के उद्देश्य से बनाई गई हैं। #SachKiKahaniya #HindiKahani #EmotionalStory #BaapKiPagdi #BetiKiKahani #HindiStory #HeartTouchingStory