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प्राणः ध्यानम् PSSM

प्राणहः ध्यानम् | PSSM

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प्राणः ध्यानम् PSSM

75 просмотров · Трансляция закончилась 13 дн. назад
प्राणहः ध्यानम् | PSSM
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🌿 स्वाध्याय 🌿 आज का स्वाध्याय आत्मचिंतन, जागरूकता और स्वयं को भीतर से समझने की एक सुंदर यात्रा थी। 🙏 स्वाध्याय हमें अपने विचारों, भावनाओं और कर्मों को देखने का अवसर देता है—बिना किसी निर्णय के। जब हम स्वयं को समझना शुरू करते हैं, तभी भीतर वास्तविक परिवर्तन की शुरुआत होती है। ✨ 🧘 आज के स्वाध्याय का उद्देश्य: • स्वयं के प्रति जागरूकता बढ़ाना • मन और विचारों को समझना • नकारात्मकता से दूरी बनाना • भीतर शांति और संतुलन विकसित करना • आत्मचिंतन और आध्यात्मिक विकास की ओर बढ़ना 🌸 “स्वयं को जानने की यात्रा ही सबसे सुंदर यात्रा है।” 🙏 आज के स्वाध्याय में जुड़ने और इस आंतरिक यात्रा का हिस्सा बनने के लिए धन्यवाद। #Swadhyay #SelfAwareness #SelfReflection #Meditation #SpiritualJourney #InnerPeace #Mindfulness #आत्मचिंतन #स्वाध्याय ब्रह्मर्षि पितामह पत्रीजी (संस्थापक: पिरामिड स्पिरिचुअल सोसाइटीज मूवमेंट - PSSM) की पुस्तक 'वाक्-क्षेत्र' (Vak Shetra) मुख्य रूप से हमारी वाणी, विचारों की शक्ति और आत्म-अभिव्यक्ति पर आधारित है। इस पुस्तक में 'कर्म क्षेत्र' (Karma Kshetra) का संदर्भ इस बात से जुड़ा है कि हमारी वाणी और हमारे शब्द ही हमारे वास्तविक कर्म क्षेत्र का निर्माण करते हैं।