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जज का फैसला ॥ विष्णु प्रभाकर ॥ Judge Ka Faisla ॥ Vishnu Prabhakar Story ॥ The Golden Stories

The Golden Stories

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जज का फैसला ॥ विष्णु प्रभाकर ॥ Judge Ka Faisla ॥ Vishnu Prabhakar Story ॥ The Golden Stories

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जज का फैसला ॥ विष्णु प्रभाकर ॥ Judge Ka Faisla ॥ Vishnu Prabhakar Story ॥ The Golden Stories Writer - विष्णु प्रभाकर ॥ Vishnu Prabhakar Narrator - ज्योति ॥ Jyoti My other Channel's Link :- Empower The Life -    / @empowerthelife5830   Divine Soul -    / @divinesoul6873   The Golden Stories 2.0 -    / @thegoldenstories2.0   Vishnu Prabhakar - विष्णु प्रभाकर विष्णु प्रभाकर (२१ जून १९१२- ११ अप्रैल २००९) हिन्दी के सुप्रसिद्ध लेखक थे जिन्होने अनेकों लघु कथाएँ, उपन्यास, नाटक तथा यात्रा संस्मरण लिखे। उनकी कृतियों में देशप्रेम, राष्ट्रवाद, तथा सामाजिक विकास मुख्य भाव हैं। उनका जन्म उत्तरप्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के गांव मीरापुर में हुआ था। उनके पिता दुर्गा प्रसाद धार्मिक विचारों वाले व्यक्ति थे और उनकी माता महादेवी पढ़ी-लिखी महिला थीं जिन्होंने अपने समय में पर्दा प्रथा का विरोध किया था। उनकी पत्नी का नाम सुशीला था। उन पर महात्मा गाँधी के दर्शन और सिद्धांतों का गहरा असर पड़ा। स्वतंत्रता संग्राम के महासमर में उन्होंने अपनी लेखनी का भी एक उद्देश्य बना लिया, जो आजादी के लिए सतत संघर्षरत रही। उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं; उपन्यास: ढलती रात, स्वप्नमयी, अर्धनारीश्वर, धरती अब भी घूम रही है, क्षमादान, दो मित्र, पाप का घड़ा, होरी; नाटक : हत्या के बाद, नव प्रभात, डॉक्टर, प्रकाश और परछाइयाँ, बारह एकांकी, अशोक, अब और नही, टूट्ते परिवेश; कहानी संग्रह : संघर्ष के बाद, धरती अब भी घूम रही है, मेरा वतन, खिलोने, आदि और अन्त; आत्मकथा : पंखहीन; जीवनी: आवारा मसीहा; यात्रा वृतान्त् : ज्योतिपुन्ज हिमालय, जमुना गन्गा के नैहर मै। सम्मान : पद्मभूषण, अर्धनारीश्वर उपन्यास के लिये भारतीय ज्ञानपीठ का मूर्तिदेवी सम्मान तथा साहित्य अकादमी पुरस्कार, सोवियत लैंड नेहरु पुरस्कार इत्यादि।