DAP VS SSP | सिंगल सुपर फास्फेट | SSP से बम्पर पैदावार | P Ca S Zn Bo |
Meri Kheti Sachi Kheti
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DAP VS SSP | सिंगल सुपर फास्फेट | SSP से बम्पर पैदावार | P Ca S Zn Bo |
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Meri Kheti Sachi Kheti
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1फास्फोरस पौधों में जड़ों की बादवार के लिए बहुत जरूरी है
पौधों की सरंचना -मतलब ढांचा , शरीर के लिए जरूरी है और
बालियों में दानों की संख्या बड़ाने के लिए जरूरी है
DAP की आजकल कमीं है , npk 12-32-16 भी ₹2200/ के
लगभग हो गया है , तो अब फॉस्फोरस की पूर्ति के लिए हम किसानों
को SSP सिंगल सुपर फास्फेट को प्रयोग करना एक अच्छा
alternative लगता है , -ssp में 3-5 तत्व हो सकते है
कब प्रयोग करें , कितना प्रयोग करें , इसमें कौनसे तत्व हो सकते है
धान में प्रयोग करें या ना करें , आज की वीडियो में पूरा विश्लेषण
करेंगे
तीन तरह का ssp मार्केट में उपलब्ध है
एक सिंपल ssp, इसमें कम से कम फॉस्फोरस 14.5% -16%
hota hai , दूसरा , कैल्शियम जो 19%होता है , और तीसरा
तत्व सल्फर , यह % hota hai , ssp दानेदार होता है
दूसरा तरह का zincated सिंगल सुपर फास्फेट
इसमें .5% zinc भी होता है
तीसरा सिंगल सुपर फॉस्फेट इसमें zinc .5% के साथ साथ
.2% बोरों भी होता है , टोटल 5 तत्व हो गये इसको zinczted
boronated सिंगल सुपर फास्फेट कहते है
-पहले फास्फोरस की बात कर लेते है , ssp में जो फॉस्फोरस
होता है वह पानी में घुलनशील होता है
अगर आपकी ज़मीन की pH वैल्यू 6.5-7.5 है मतलब न्यूट्रल है
तो dap npk ssp के द्वारा दिया गया फॉस्फोरस पौधों को आसानी
से उपलब्ध हो जाता है
2और अगर pH ज़्यादा है , ज़मीन alkaline मतलब क्षारीय है तो
काफ़ी सारा फास्फोरस ज़मीन में fix हो जाता है
और अगर pH कम है मतलब ज़मीन लवणीय है तो भी काफ़ी सारा
फास्फोरस ज़मीन में fix हो जाता है
2इन problems के इलावा एक बहुत बड़ी प्रॉब्लम फास्फोरस के साथ
और भी है कि इसको जहाँ पर डालो वहाँ पर पड़ा रहता है , पानी में घुल
तो जाता है लेकिन एक जगह से दूसरी जगह पर move नहीं करता
जड़ को ही इसके पास जाना पड़ता है , और जड़ों के लिए है बहुत जरूरी
तो अब क्या करे , वैज्ञानिक कहते है की इसको डालो ही जड़ के आस पास
शुरू में जड़ की बड़वार के लिये फास्फोरस चाहिए भी जरूर
यहाँ पर एक अक़्लमंदी का काम कर सकते है वो यह
हमे पता है की जड़ ज़मीन के नीचे 4-6 इंच तक ही होती है
तो dap हो या npk या एसएसपी
सबको धान में खेत तैयार करते समय डालो जी
न इस से पहले और ना ही इसके बाद
हम दो बार पैडी हैरो चला कर कद्दू या पाड़े काटते है फिर
सुहागा लगाते है
ssp को डालना है कद्दू करते समय , पहले या दूसरे कद्दू के बाद
लेकिन सुहागा लगाने के बाद
3इस तरह dap या एनपीके या एसएसपी धान की जड़ों के आस पास
डालेगा और पौधों को ज़्यादा उपलब्ध होगा
ssp का फार्मूला होता है ca(H2PO4)2+2CaSo4
इस्को mono calcium phosphate कहते है
Ca(H2Po4)2 पानी में घुलनशील फास्फोरस देता है
और जो CaSo4 hota hai वो gypsum ही होता है
ssp में जिप्सम के गुण भी होते है , sulphur अलग से डालने
की जरूरत नहीं पड़ती
3फॉस्फोरस जल्दी घुलता है लेकिन कैल्शियम और सल्फर
धीरे धीरे धान के पौधोको मिलते रहते है
कुछ लोग खेत तैयार करने से पहले ही सूखे खेत में ssp को
डाल देते है मेहनत कम लगेगी , परंतु फॉस्फोरस तो पानी में
घुल कर जड़ो से दूर नीचे चला जाता है , तो फिर फायदा कम
होता है
और कुछ किसान भाई , खेत तैयार करने के बाद , रोपाई के बाद
dap npk या ssp डालने की सोच रहे है तो ऐंसा ना करे
हमने जो कुछ भी डालना है वो पौधों को उपलब्ध हो , तभी
फायदा होगा ना
जिन भाइयों ने गेहू में पूरा कट्टा dap प्रति एकर डाला था तो
अब एक कट्टा 50 किलो वाला काफ़ी रहेगा
आप दो भी डाल सकते है
या फिर आधा dap और आधा ssp डाल दो
यह कॉम्बिनेशन बेहतर रहेगा , अगर dap उपलब्ध है तो