महर्षि सांदीपनि आश्रम द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण बलराम मित्र सुदामा ने इसी जगह शिक्षा प्राप्त की
Mr Rahul Raja Music
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महर्षि सांदीपनि आश्रम द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण बलराम मित्र सुदामा ने इसी जगह शिक्षा प्राप्त की
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05/09/2026
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मुख्य विशेषताएँ और इतिहास
भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली: पौराणिक कथाओं के अनुसार, द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण, उनके भाई बलराम और मित्र सुदामा ने इसी गुरुकुल में महर्षि सांदीपनि से शिक्षा प्राप्त की थी।
64 कलाएं और 14 विद्याएं: माना जाता है कि श्रीकृष्ण ने मात्र 64 दिनों में यहां 64 कलाओं और 14 विद्याओं का ज्ञान प्राप्त किया था।
अंकपात (Ankpat): आश्रम के आसपास के क्षेत्र को अंकपात कहा जाता है। ऐसा विश्वास है कि यहां भगवान श्रीकृष्ण अपनी लेखन [पट्टिका या स्लेट धोते थे](0.6.2, 0.6.10)।
1 से 100 तक के अंकों की शिला: आश्रम परिसर में एक ऐसा पत्थर है जिस पर 1 से 100 तक के अंक उकेरे गए हैं। कहा जाता है कि महर्षि सांदीपनि इन अंकों के माध्यम से शिक्षा देते थे।
गोमती कुंड: आश्रम के पास गोमती कुंड है, जिसके बारे में मान्यता है कि श्रीकृष्ण ने अपने गुरु की सुविधा के लिए सभी पवित्र नदियों का जल यहां आह्वान कर प्रकट किया था।
सर्वेश्वर महादेव मंदिर: यहां लगभग 6,000 साल पुराना एक प्राचीन [शिवलिंग](0.6.1, 0.6.15) है, जिसकी पूजा स्वयं महर्षि सांदीपनि और उनके शिष्यों द्वारा की जाती थी।
दर्शनीय समय
खुलने का समय: सुबह 7:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक (साप्ताहिक सभी दिन खुला रहता है)