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मंच पर भिड़े राजदीप-आशुतोष! “गोदी मीडिया बनी Lapdog Media, चोर को तो चोर कहना पड़ेगा” | Debate

The Swatantra

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मंच पर भिड़े राजदीप-आशुतोष! “गोदी मीडिया बनी Lapdog Media, चोर को तो चोर कहना पड़ेगा” | Debate

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Press Club के मंच पर राजदीप सरदेसाई और आशुतोष के बीच मीडिया की भूमिका और पत्रकारिता के चरित्र को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। ‘गोदी मीडिया’, ‘Lapdog Media’ और सत्ता से सवाल पूछने की पत्रकारिता जैसे मुद्दों पर बहस ने मीडिया की स्वतंत्रता, निष्पक्षता और पत्रकारों की जिम्मेदारी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए। “चोर को तो चोर कहना पड़ेगा” जैसी तीखी टिप्पणी के साथ यह बहस सिर्फ़ दो पत्रकारों के बीच मतभेद तक सीमित नहीं रही, बल्कि मौजूदा भारतीय मीडिया के चरित्र पर बड़ी चर्चा में बदल गई। 🔴 राजदीप और आशुतोष के बीच किस मुद्दे पर बहस हुई? 🔴 ‘गोदी मीडिया’ और ‘Lapdog Media’ से क्या मतलब है? 🔴 क्या पत्रकारिता सत्ता से सवाल पूछने में नाकाम हो रही है? 🔴 मीडिया की स्वतंत्रता और निष्पक्षता का सवाल कितना बड़ा है? 🔴 Press Club की इस बहस में कौन-से बड़े सवाल उठे? देखिए पूरी Debate और भारतीय मीडिया की भूमिका पर तीखी चर्चा The Swatantra पर। वीडियो को Like, Share करें और Comment में बताएं—क्या आज की पत्रकारिता सच में सत्ता से सवाल पूछ रही है? नोट: ‘गोदी मीडिया’, ‘Lapdog Media’ और ‘चोर’ जैसी टिप्पणियाँ बहस में व्यक्त विचार/आरोप हैं। इन्हें किसी व्यक्ति या पूरे मीडिया संस्थान के बारे में स्थापित तथ्य के रूप में न माना जाए। #RajdeepSardesai #Ashutosh #PressClub #MediaDebate #GodiMedia #LapdogMedia #Journalism #MediaFreedom #PressFreedom #IndianMedia #JournalismDebate #राजदीपसरदेसाई #आशुतोष #मीडिया #TheSwatantra Please support The Swatantra Media The Swatantra स्वतंत्र यानी आपका अपना चैनल, आपका अपना तंत्र यानी सिस्टम। स्वतंत्र एक चैनल नहीं एक उम्मीद है, एक कोशिश है जिसमें समाज के हर वर्ग, धर्म और तबके के पीड़ित, वंचित, शोषित और कमज़ोर लोगों की आवाज़ उठाने की प्रतिबद्धता है। ये उस आम जनता की पत्रकारिता की नज़ीर है जिसकी देश की आजादी यानी स्वतंत्रता के बाद बात तो की गई लेकिन उसकी आवाज़ को दिखाने के प्रति उदासीन रवैया दिखाया गया। इस कोशिश में हमें आपका सहयोग नहीं आपकी भागीदारी चाहिए... For Advertisement and Sponsorship Email us at swatantra.digitalnetwork@gmail.com The Swatantra means your own channel, your own system. The Swatantra is not just a channel; it is a hope, an effort that is committed to raising the voices of the oppressed, marginalized, exploited, and weaker sections of society, regardless of class or religion. It represents journalism for the common people, whose voices were talked about after the country's independence, but there has been a negligent attitude towards showcasing those voices. #news #journalists #theswatantra