महालक्ष्मी स्तुति | महालक्ष्मी अष्टकम | Mahalaxmi Ashtakam | Lakshmi Mantra for Money and Prosperity
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महालक्ष्मी स्तुति | महालक्ष्मी अष्टकम | Mahalaxmi Ashtakam | Lakshmi Mantra for Money and Prosperity
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Lyrics
ॐ महालक्ष्मयै नमो नमः
विष्णू प्रियायी नमो नमः
धनप्रदायी नमो नमः
विश्व जननयी नमो नमः
Om Mahalaxmai Namo Namah
Vishnupriyayai Namo Namah
Dhanpradayai Namo Namah
Vishwajananyai Namo Namah
मंत्र का पूर्ण विवरण और अर्थ
ॐ महालक्ष्मयै नमः ----------
इस पंक्ति में मां लक्ष्मी को संबोधित किया गया है, जो धन और समृद्धि की देवी हैं। इस मंत्र का नियमित जप करने से व्यक्ति की वित्तीय स्थिति में सुधार होता है, और उसके जीवन में वैभव और शांति आती है।
विष्णू प्रियायी नमो नमः ----------
यह पंक्ति मां लक्ष्मी को भगवान विष्णु की प्रियतमा के रूप में संबोधित करती है। भगवान विष्णु सृष्टि के पालनहार माने जाते हैं, और लक्ष्मी जी उनके साथ संयुक्त होकर धन और समृद्धि की ऊर्जा प्रदान करती हैं। इस पंक्ति से भक्त यह दर्शाता है कि वह देवी लक्ष्मी के साथ-साथ भगवान विष्णु की भी कृपा प्राप्त करना चाहता है।
ॐ धनप्रदायी नमो नमः ----------
यहां, भक्त मां लक्ष्मी से धन की प्राप्ति की कामना करता है। ‘धनप्रदायी’ का अर्थ है ‘धन देने वाली’, जो दर्शाता है कि मां लक्ष्मी वह शक्ति हैं जो भक्तों को वित्तीय स्थिरता और सुख-संपत्ति प्रदान करती हैं।
विश्व जननयी नमो नमः ----------
इस पंक्ति में मां लक्ष्मी को सृष्टि की जननी के रूप में पूजा जाता है। ‘विश्व जननयी’ का अर्थ है ‘विश्व की उत्पत्ति करने वाली’, जो यह संकेत करता है कि मां लक्ष्मी केवल भौतिक धन ही नहीं बल्कि आध्यात्मिक और मानसिक समृद्धि भी प्रदान करती हैं।
मंत्र जाप के लाभ :-
मानसिक शांति और स्थिरता
महालक्ष्मी मंत्र का नियमित जाप करने से व्यक्ति के मन में शांति और स्थिरता का संचार होता है। यह व्यक्ति को चिंताओं और तनाव से मुक्त करता है और उसके मन को सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है।
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ॐ महालक्ष्मयै नमो नमः
विष्णू प्रियायी नमो नमः
धनप्रदायी नमो नमः
विश्व जननयी नमो नमः
Om Mahalaxmai Namo Namah
Vishnupriyayai Namo Namah
Dhanpradayai Namo Namah
Vishwajananyai Namo Namah
मंत्र का पूर्ण विवरण और अर्थ
ॐ महालक्ष्मयै नमः ----------
इस पंक्ति में मां लक्ष्मी को संबोधित किया गया है, जो धन और समृद्धि की देवी हैं। इस मंत्र का नियमित जप करने से व्यक्ति की वित्तीय स्थिति में सुधार होता है, और उसके जीवन में वैभव और शांति आती है।
विष्णू प्रियायी नमो नमः ----------
यह पंक्ति मां लक्ष्मी को भगवान विष्णु की प्रियतमा के रूप में संबोधित करती है। भगवान विष्णु सृष्टि के पालनहार माने जाते हैं, और लक्ष्मी जी उनके साथ संयुक्त होकर धन और समृद्धि की ऊर्जा प्रदान करती हैं। इस पंक्ति से भक्त यह दर्शाता है कि वह देवी लक्ष्मी के साथ-साथ भगवान विष्णु की भी कृपा प्राप्त करना चाहता है।
ॐ धनप्रदायी नमो नमः ----------
यहां, भक्त मां लक्ष्मी से धन की प्राप्ति की कामना करता है। ‘धनप्रदायी’ का अर्थ है ‘धन देने वाली’, जो दर्शाता है कि मां लक्ष्मी वह शक्ति हैं जो भक्तों को वित्तीय स्थिरता और सुख-संपत्ति प्रदान करती हैं।
विश्व जननयी नमो नमः ----------
इस पंक्ति में मां लक्ष्मी को सृष्टि की जननी के रूप में पूजा जाता है। ‘विश्व जननयी’ का अर्थ है ‘विश्व की उत्पत्ति करने वाली’, जो यह संकेत करता है कि मां लक्ष्मी केवल भौतिक धन ही नहीं बल्कि आध्यात्मिक और मानसिक समृद्धि भी प्रदान करती हैं।
मंत्र जाप के लाभ :-
मानसिक शांति और स्थिरता
महालक्ष्मी मंत्र का नियमित जाप करने से व्यक्ति के मन में शांति और स्थिरता का संचार होता है। यह व्यक्ति को चिंताओं और तनाव से मुक्त करता है और उसके मन को सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है।
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►Beautiful 10 Krishna Bhajan:Mahalaxmi Ashtakam - Lyrics
नमस्तेस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते ।
शंख चक्र गदा हस्ते महालक्ष्मी नमोस्तूते । १ ।
नमस्ते गरूडारूढे कोलासूर भयंकरी ।
सर्व पाप हरे देवी महालक्ष्मी नमोस्तूते । २ ।
सर्वज्ञे सर्ववरदे सर्वदुष्ट भयंकरी ।
सर्व दुःख हरे देवी महालक्ष्मी नमोस्तूते । ३ ।
सिद्धीबुद्धूीप्रदे देवी भुक्तिमुक्ति प्रदायिनी ।
मंत्रमूर्ते सदा देवी महालक्ष्मी नमोस्तूते । ४ ।
आद्यंतरहिते देवी आद्यशक्ती महेश्वरी ।
योगजे योगसंभूते महालक्ष्मी नमोस्तूते । ५ ।
स्थूल सूक्ष्म महारौद्रे महाशक्ती महोदरे ।
महापाप हरे देवी महालक्ष्मी नमोस्तूते । ६ ।
पद्मासनस्थिते देवी परब्रम्हस्वरूपिणी ।
परमेशि जगन्मातर्र महालक्ष्मी नमोस्तूते । ७ ।
श्वेतांबरधरे देवी नानालंकार भूषिते ।
जगत्स्थिते जगन्मार्त महालक्ष्मी नमोस्तूते । ८ ।
महालक्ष्म्यष्टकस्तोत्रं यः पठेत् भक्तिमान्नरः ।
सर्वसिद्धीमवाप्नोति राज्यं प्राप्नोति सर्वदा । ९ ।
एककाले पठेन्नित्यं महापापविनाशनं ।
द्विकालं यः पठेन्नित्यं धनधान्य समन्वितः । १० ।
त्रिकालं यः पठेन्नित्यं महाशत्रूविनाशनं ।
महालक्ष्मीर्भवेन्नित्यं प्रसन्ना वरदा शुभा । ११ ।
Mahalakshmi Ashtakam Lyrics in English
Namastestu Mahamaye
Shree Pithe Sura Poojite ।
Shanka Chakra Gadha Haste
Maha Lakshmi Namoostute ।।1।।
Meaning:
Oh, Mahamaye, who is situated on Shripeeth and is worshiped by the gods! Greetings to you. Mahalakshmi is the one who holds the conch, disc, and mace in her hand. I salute you.
Namastestu Garudarudhe
Kolasura Bhayankari ।
Sarva Papa Hare Devi
Maha Lakshmi Namoostute ।।2।।
Meaning:
O Goddess Mahalakshmi, mounted on Garuda, who frightens Kolasura and vanquishes all sins! I salute you.
Sarvajne Sarva Varade
Sarva Dushta Bhayankari ।
Sarva Duhkha Hare Devi
Maha Lakshmi Namoostute ।।3।।
Meaning:
Goddess Mahalakshmi is the one who knows everything, gives boons to everyone, gives fear to all evil people, and removes everyone’s sorrows. Greetings to you.