श्राद्ध पक्ष की कथा व महत्व
भगती चैनल
0:00 / 0:00
श्राद्ध पक्ष की कथा व महत्व
10 просмотров · 8 дней назад
भगती चैनल
2 подписчика
10 просмотров · 8 дней назад
श्राद्ध पक्ष की कथा व महत्व
16 श्राद्ध पक्ष की आत्माएं
बहुत समय पहले की बात है।
एक नगर में धर्मदास नाम का एक श्रद्धालु व्यक्ति रहता था।
वह अपने माता-पिता और पूर्वजों का बहुत सम्मान करता था।
एक दिन उसके पिता का देहांत हो गया।
पिता की मृत्यु के बाद धर्मदास बहुत दुखी रहने लगा।
कुछ समय बाद पितृपक्ष आया
धर्मदास ने एक विद्वान ब्राह्मण से पूछा
“महाराज, हम अपने पूर्वजों का श्राद्ध क्यों करते हैं
पहले दिन उसने घर की सफाई की और पूर्वजों को स्मरण किया।
दूसरे दिन उसने जल से तर्पण किया।
तीसरे दिन उसने जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराया।
चौथे दिन उसने गौसेवा की।
पाँच वे दिन उसने पक्षियों और जीव-जंतुओं के लिए अन्न रखा।
छठे दिन उसने अपने पूर्वजों के नाम से वस्त्र और अन्न का दान किया।
सातवें दिन उसने परिवार के बच्चों को पूर्वजों की अच्छी बातें सुनाईं।
आठवें दिन उसने गरीबों को भोजन कराया।
नौवें दिन उसने अपनी माता और पिता के उपकारों को याद किया।
दसवें दिन उसने अपने पूर्वजों के लिए प्रार्थना की।
ग्यारहवें दिन उसने सत्य और सदाचार का पालन करने का संकल्प लिया।
बारहवें दिन उसने जरूरतमंदों की सहायता की।
तेरहवें दिन उसने घर में भगवान का स्मरण और पूजा की।
चौदहवें दिन उसने परिवार के सभी सदस्यों को पितरों के प्रति सम्मान का महत्व समझाया।
पंद्रहवें दिन उसने अपने सभी ज्ञात-अज्ञात पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक याद किया
सोलहवें दिन उसने श्रद्धा से श्राद्ध और दान किया तथा अपने पूर्वजों के लिए प्रार्थना की
#viral
#katha