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ॐ के बाद… शिव कौन हैं? | शिव पुराण में महादेव ने स्वयं बताया

Preeti

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ॐ के बाद… शिव कौन हैं? | शिव पुराण में महादेव ने स्वयं बताया

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Preeti
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ॐ की व्याख्या से आगे एक सवाल उठता है— शिव कौन हैं? क्या शिव केवल एक देवता हैं? क्या वे केवल संहार के देवता हैं? या फिर शिवतत्त्व इससे कहीं अधिक गहरा है? इस वीडियो में हम शिव महापुराण की रुद्रसंहिता, सृष्टिखण्ड, अध्याय 9 — शिवतत्त्ववर्णनम् के एक महत्वपूर्ण प्रसंग को समझते हैं। इस प्रसंग में भगवान शिव स्वयं अपने स्वरूप, सगुण और निर्गुण तत्त्व, ब्रह्मा–विष्णु–रुद्र के कार्य और शिव–रुद्र की एकता के बारे में बताते हैं। विशेष रूप से वह भाव अत्यंत महत्वपूर्ण है— “वह मैं हूँ, और मैं वह हूँ।” और आगे शिव और विष्णु के संबंध को समझाते हुए यह भी कहा जाता है कि— “विष्णु मेरे हृदय में हैं और मैं विष्णु के हृदय में हूँ।” यह वीडियो केवल कथा नहीं है। यह शिवतत्त्व को शिव पुराण के इसी प्रसंग के आधार पर समझने का एक प्रयास है। वीडियो के अंत में हम इस कथा से मिलने वाली एक छोटी-सी reflection भी साझा करेंगे—और उसे स्पष्ट रूप से हमारी अपनी reflection के रूप में रखा गया है, शिव पुराण के श्लोक के रूप में नहीं। अगर आपको शिव पुराण की कथाएँ, आध्यात्मिक ज्ञान और उनके जीवन से जुड़े अर्थ समझना पसंद है, तो Soul Space with Preeti को subscribe करें। मैं हूँ Preeti… और आप सुन रहे हैं Soul Space with Preeti। हर हर महादेव। 🙏 #ShivPuran #ShivTattva #Mahadev #Shiva #HarHarMahadev #ShivPurana #SanatanDharma #Spirituality #ShivaWisdom #SoulSpaceWithPreeti