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कामधेनु गौमाता- EP 17 - सत्यव्रत को स्वर्ग भेजेंगे राजा कौशिक | तिलक

Tilak

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कामधेनु गौमाता- EP 17 - सत्यव्रत को स्वर्ग भेजेंगे राजा कौशिक | तिलक

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Watch The All Full Episodes of ''Kaamdhenu Gaumata'' Here : https://www.youtube.com/show/VLPLVS_3... राजा कौशिक सत्यव्रत के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करते हैं। साथ ही, वे सत्यव्रत को बताते हैं कि उन्होंने सिद्धि प्राप्त करने के बाद ऋषि कौशिक को परास्त कर गौ माता कामधेनु को प्राप्त करने का संकल्प लिया है। राजा कौशिक की यह बात उनकी पत्नी को अच्छी नहीं लगती। अगले दिन सत्यव्रत महल छोड़कर चले जाते हैं और राजा कौशिक के नाम एक पत्र उनकी पत्नी को सौंप देते हैं। पत्र में सत्यव्रत जल-समाधि लेने की बात लिखते हैं। पत्र पढ़ते ही राजा कौशिक उन्हें बचाने के लिए तुरंत निकल पड़ते हैं। राजा कौशिक न केवल सत्यव्रत को जल-समाधि लेने से रोकते हैं, बल्कि उन्हें सशरीर स्वर्गलोक भेजने का वचन भी देते हैं। इसके लिए राजा कौशिक सत्यव्रत को स्वर्गलोक भेजने की सिद्धि प्राप्त करने हेतु कठोर तपस्या आरंभ कर देते हैं। Raja Kaushik thanks Satyavrat and tells him that he wants to defeat Sage Kaushik and obtain Kamadhenu. Kaushik’s wife is unhappy to hear this. The next day, Satyavrat leaves the palace and gives Kaushik’s wife a letter saying he will take Jal Samadhi. Kaushik rushes to save him and stops him from doing so. He then promises to send Satyavrat to heaven in his physical form and begins a penance to fulfill his promise. जो समुद्र मंथन से प्रकट हुए 14 रत्नों में से एक हैं, श्रीकृष्ण के हृदय में विराजमान हैं, मनवांछित वर प्रदान करती हैं, दुष्टों का संहार और संतों का उद्धार करती हैं तथा ऋषि-मुनियों की पूजनीय हैं, वह हैं माता कामधेनु! माता कामधेनु सृजन, समृद्धि और कल्याण की देवी हैं। समुद्र मंथन से प्रकट होकर उन्होंने समस्त लोकों के पालन-पोषण का दायित्व संभाला। उनका महात्म्य ऐसा है कि वे भगवान श्रीकृष्ण से लेकर ऋषि-मुनियों तक के हृदय में युगों-युगों से विराजमान हैं। माता कामधेनु की कृपा से जीवन में सौभाग्य के बंद द्वार खुल जाते हैं। माता कामधेनु की यह महागाथा उनके मातृत्व की ममता, महिमा और दिव्यता का प्रतिबिंब है। यह शो मुख्य रूप से निम्नलिखित ग्रंथों पर आधारित है— गौ अंक हरिवंश पुराण विष्णु पुराण गरुड़ पुराण श्रीमद्भागवत महापुराण ब्रह्मवैवर्त पुराण स्कंद पुराण शोध श्रीकांत विश्वकर्मा विनय द्विवेदी कहानी प्रेम सागर एवं शिव सागर पटकथा श्रीकांत विश्वकर्मा संवाद विनय कुमार संगीत सूर्य राज कमल शीर्षक गीत सतीश देहरा बैकग्राउंड संगीत लेनिन नंदी गीतकार सुरेश तिवारी पोस्ट हेड रॉबिन शर्मा क्रिएटिव डायरेक्टर शिव सागर एसोसिएट क्रिएटिव डायरेक्टर अभिषेक चौबे छायांकन निर्देशक (डीओपी) प्रकाश जनार्दन शिंगाड़ द्वितीय इकाई निर्देशक धवल दर्जी निर्देशक राकेश रामनलाल व्यास निर्माता प्रेम सागर नीलम सागर शिव सागर सेलेक्ट मीडिया होल्डिंग्स कलाकार हरलीन कौर — गौ माता कामधेनु विशाल नायक — कृष्ण नेहा परदेशी — राधा अनमोल सोनी — महादेव संदीप मोहन — वशिष्ठ सुगंधा — अरुंधती प्रियांशी रघुवंशी — पार्वती ज्ञानेश्वर कुमार राय — ब्रह्मा रोहित देवड़ा — इंद्र अलिका नायर — शची आकाश सिसोदिया — बलि शुभम सेहरावत — विश्वरथ हरमिंदर कौर — विश्वरथ की पत्नी मनदीप कौर — गंगा शेखर मेहता — शांतनु देवानंद पाठक — परशुराम #kaamdhenu#gaumata#kaamdhenugaumata#Tilak#sagarworld