यह श्लोक स्वामी रामसुखदास रचित सबसे सरल व्याख्या चातुर्मास विशेष मंगलवार को
कृष्णा स्टूडियो
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यह श्लोक स्वामी रामसुखदास रचित सबसे सरल व्याख्या चातुर्मास विशेष मंगलवार को
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**नेहाभिक्रमनाशोऽस्ति प्रत्यवायो न विद्यते।
स्वल्पमप्यस्य धर्मस्य त्रायते महतो भयात्॥**
सरल हिंदी भावार्थ: इस कर्मयोग में किए गए प्रयास का नाश नहीं होता और इसका थोड़ा-सा अभ्यास भी मनुष्य को बड़े भय से बचाने में सहायक होता है।
इस वीडियो में सुनिए स्वामी रामसुखदास जी द्वारा व्याख्यायित श्रीमद्भगवद्गीता की सबसे सरल व्याख्या और समझिए भगवान श्रीकृष्ण के इस अनमोल उपदेश का वास्तविक अर्थ।
🌿 चातुर्मास विशेष गीता ज्ञान
🌿 गीता अध्याय 2 श्लोक 40 की सरल व्याख्या
🌿 कर्मयोग और निष्काम कर्म का महत्व
🌿 श्रीकृष्ण के दिव्य उपदेश
🌿 सनातन धर्म एवं आध्यात्मिक ज्ञान
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