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Ajh Sirf Ek Hi Rail Hosting Ho Paya

E.Elevator_Tech

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Ajh Sirf Ek Hi Rail Hosting Ho Paya

500 просмотров · 2 недели назад
E.Elevator_Tech
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Ajh Sirf ek hi Rail Hosting Ho Paya Q ki humlog ka winch Meachine kharab ho gya Tha To Baki ka Kaam Aplog Part 2 Me dekhiye ga tab Tak ke liye wait kijiye Aplogl Shaft Plumbing (सटीक मापन): रेल चढ़ाने से पहले पूरे लिफ्ट शाफ्ट में ऊपर से नीचे तक प्लंब लाइन्स (plumb lines) या लेजर टूल्स की मदद से बिल्कुल सीधी वर्टिकल लाइन मापी जाती है। Bracket Fixing (ब्रैकेट लगाना): लिफ्ट शाफ्ट की कंक्रीट की दीवारों पर निश्चित दूरी (intervals) पर मजबूत आयरन ब्रैकेट्स को एंकर बोल्ट्स की मदद से जाम किया जाता है। ये ब्रैकेट ही रेल्स को होल्ड करते हैं। Hosting the Rails (रेल्स को ऊपर उठाना): चूंकि एक-एक रेल का वजन बहुत ज्यादा (क्विंटल में) होता है, इन्हें मैन्युअल उठाना नामुमकिन है। इसके लिए शाफ्ट के टॉप पर Chain Pulley Block या Electric Hoist Winch मशीन लगाई जाती है। इसकी मदद से रेल्स को एक-एक करके वर्टिकली ऊपर खींचा जाता है। Jointing & Fishplate Connection: लिफ्ट जितनी ऊंची होगी, उतनी ही रेल्स एक के ऊपर एक जोड़ी जाती हैं। दो रेल्स को आपस में मिलाने के लिए उनके पीछे Fishplate (लोहे की मजबूत पट्टी) लगाकर नट-बोल्ट से कस दिया जाता है। Alignment & DBG Check: रेल्स को ब्रैकेट्स के साथ कसने के बाद DBG (Distance Between Guide Rails) चेक किया जाता है। दोनों रेल्स के बीच की दूरी ऊपर से नीचे तक 1 मिलीमीटर भी कम-ज्यादा नहीं होनी चाहिए, नहीं तो लिफ्ट अटक सकती है या झटका लेगी।