Перейти к содержимому

गरीब नाविक ने नदी में डूबती राजकुमारी को बचाया मगर राजकुमारी ने उससे विवाह से इनकार कर दिया | story

Farro tales

0:00 / 0:00

गरीब नाविक ने नदी में डूबती राजकुमारी को बचाया मगर राजकुमारी ने उससे विवाह से इनकार कर दिया | story

34 542 просмотра · 1 день назад
Farro tales
1,05 тыс. подписчиков
34 542 просмотра · 1 день назад
बहुत समय पहले की बात है, जब सरयू नदी अपने पूरे यौवन में बहा करती थी। उसी नदी के किनारे रहता था एक निर्धन नाविक — कुशल। एक भयंकर वर्षा की रात, जब नदी उफन रही थी, कुशल ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना डूबती हुई राजकुमारी तारिणी को बचा लिया। राजा ने प्रसन्न होकर कहा — "जो चाहो माँग लो।" कुशल ने धन, पद या राज्य नहीं माँगा। उसने तो बस इतना कहा — "मुझे आपकी पुत्री का सुख चाहिए।" लेकिन राजकुमारी ने उसी क्षण विवाह से इनकार कर दिया। यह इनकार प्रेम के कारण नहीं था। इसके पीछे छिपा था एक पुराना राज-वचन, जिसे सेनापति भद्रसेन अपने स्वार्थ के लिए बदलकर राजकुल को बाँधे हुए था। राजकुमारी चाहती तो कुशल से विवाह कर सकती थी, लेकिन वह जानती थी कि ऐसा करने से कुशल मौत के मुँह में चला जाएगा। इसलिए उसने खुद दूर हटना चुना। क्या कुशल इस राज-वचन का रहस्य खोज पाएगा? क्या राजकुमारी इस झूठे बंधन से मुक्त हो पाएगी? क्या सच्चा प्रेम पाने की जिद करता है, या वह प्रिय के सुख के लिए स्वयं पीछे हट जाता है? यह कथा है प्रेम, त्याग, भाग्य और विश्वास की। यह कथा है एक गरीब नाविक की, जिसने साबित कर दिया कि हृदय की शुद्धता राजमहल से भी बड़ी होती है। और यह कथा है एक राजकुमारी की, जिसने अपने पिता के वचन और अपने प्रेम के बीच फँसकर सबसे बड़ा त्याग किया। सुनिए यह अद्भुत लोककथा — जहाँ नदी की लहरें गीत गाती हैं, महल के दीप जलते हैं, और एक नाविक की छोटी सी नाव सत्य की रक्षा के लिए निकल पड़ती है। कहानी का नाम: गरीब नाविक और राजकुमारी का वचन शैली: भारतीय लोककथा भावनाएँ: प्रेम, त्याग, भाग्य, विश्वास