Перейти к содержимому

Barsana Dham Darshan | सांकरी खोर | प्रेम सरोवर | गहवर वन || Barsana Tour Information

Avin Yaduvanshi

0:00 / 0:00

Barsana Dham Darshan | सांकरी खोर | प्रेम सरोवर | गहवर वन || Barsana Tour Information

161 337 просмотров · 2 года назад
Avin Yaduvanshi
2,13 млн подписчиков
161 337 просмотров · 2 года назад
Barsana Dham Darshan | सांकरी खोर | प्रेम सरोवर | गहवर वन || Barsana Tour Information ऐसा माना जाता है कि भगवान श्री कृष्ण की नित्य संगिनी देवी श्रीराधा बरसाना की ही रहने वाली थीं। क़स्बे के मध्य श्री राधा का मुख्य मंदिर श्री राधारानी मंदिर मन्दिर स्थित है। श्रीराधा का जिक्र पद्म पुराण, स्कन्द पुराण, मत्स्य पुराण, गीत गोविंद, गर्ग संहिता, शिव पुराण, लिंगपुराण, वाराह पुराण, नारदपुराण और ब्रह्मवैवर्त पुराण में भी मिलता है। पद्म पुराण के अनुसार राधा वृषभानु नामक गोप की पुत्री थीं। ब्रह्मवैवर्त पुराण और गर्ग संहिता के अनुसार राधाकृष्ण का विवाह भांडीरवन मे संपन्न हुआ था। कुछ विद्वान मानते हैं कि राधाजी का जन्म यमुना के निकट बसे स्थित रावल ग्राम में हुआ था और बाद में उनके पिता बरसाना में बस गए। इस मान्यता के अनुसार नन्दबाबा एवं वृषभानु का आपस में घनिष्ठ प्रेम था। कंस के द्वारा भेजे गये असुरों के उपद्रवों के कारण जब नन्दराज अपने परिवार, समस्त गोपों एवं गौधन के साथ गोकुल-महावन छोड़ कर नन्दगाँव में निवास करने लगे, तो वृषभानु भी अपने परिवार सहित उनके पीछे-पीछे इस गाँव को त्याग कर चले आये और नन्दगाँव के पास बरसाना में आकर निवास करने लगे। लेकिन लोग अधिकतर मानते हैं कि उनका जन्म बरसाना में हुआ था। राधारानी का प्रसिद्ध मंदिर बरसाना ग्राम की पहाड़ी पर स्थित है। बरसाना में राधा जी को 'लाड़लीजी' कहा जाता है। || राधे राधे 🙏🏻 ||